कन्नौज जेल से फरारी का सनसनीखेज मामला! कैदियों ने कंबल काटकर बनाई रस्सी, 22 फीट ऊंची दीवार फांदी; इलाके में हड़कंप
punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 10:04 AM (IST)
Kannauj News: कन्नौज जिले की जिला जेल से दो कैदी फरार हो गए, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। यह घटना तब सामने आई जब दोनों कैदियों ने ठंड से बचने के लिए मिले कंबलों को काटकर रस्सी बनाई और उसी के सहारे करीब 22 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए।
घटना की जानकारी और प्रारंभिक जांच
जेल प्रशासन और पुलिस को यह तब पता चला जब दोपहर में कैदियों की नियमित गिनती की जा रही थी। गिनती में दो कैदी बैरक से गायब पाए गए। जांच में जेल परिसर की पिछली दीवार के पास कंबल से बनी रस्सी और चढ़ने के निशान मिले, जिससे पता चला कि यह योजनाबद्ध फरारी थी।
फरार कैदियों की पहचान
फरार कैदियों की पहचान इस प्रकार हुई:
अंकित – तालग्राम थाना क्षेत्र के निवासी, जून में चोरी के मामले में जेल में बंद
डिम्पी – ठठिया थाना क्षेत्र के निवासी, दिसंबर से पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद
दोनों को एक ही बैरक में रखा गया था, जिससे अंदेशा है कि फरारी की योजना पहले से बनाई गई थी। पुलिस ने यह भी पाया कि दोनों ने कई दिनों में कंबल को छोटे टुकड़ों में काटकर आपस में जोड़कर रस्सी बनाई, जिससे किसी को शक नहीं हो।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना जेल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। 22 फीट ऊंची दीवार, प्रहरी, निगरानी और नियमित चेकिंग के बावजूद कैदियों का फरार होना लापरवाही की ओर इशारा करता है।
सवाल उठ रहे हैं:
- बैरक में कंबल कटने की भनक क्यों नहीं लगी?
- रात की निगरानी में लापरवाही हुई?
- क्या सीसीटीवी कैमरे सही तरीके से काम कर रहे थे?
- प्रशासन ने इस मामले में कड़ी जांच शुरू कर दी है।
डीएम और एसपी ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार जिला जेल पहुंचे। उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। डीएम ने स्पष्ट किया कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने बताया कि फरार कैदियों की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष टीमें और तलाशी अभियान
जेल प्रशासन ने दो डिप्टी जेलर सहित कई विशेष टीमों का गठन किया। ये टीमें जिले और आसपास के जिलों में फरार कैदियों की तलाश कर रही हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर चेकिंग तेज कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि दोनों कैदी अपने पुराने ठिकानों या परिचितों के पास जा सकते हैं।
तलाश जारी, कार्रवाई तय
अधिकारियों की प्राथमिकता फरार कैदियों को जल्द गिरफ्तार करना है। प्रशासन और पुलिस हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि दोनों को दोबारा सलाखों के पीछे लाया जा सके। इस घटना ने न केवल जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि आम लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है।

