UP: खुद को MBBS बताकर मरीजों का इलाज कर रहे 10 झोलाछाप डॉक्टरों पर FIR, जांच में डिग्री मिली फर्जी

punjabkesari.in Tuesday, Oct 19, 2021 - 12:40 PM (IST)

मेरठ: भगवान का रूप कहे जाने वाले डॉक्टर्स पर भी अब भरोसा करना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आया है। जहां 10 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मंगलवार को एफआईआर (FIR) कराई गई है। इनके खिलाफ पूर्व में ही सीएमओ से शिकायत की गई थी। सीएमओ द्वारा गठित उच्च जांच कमेटी ने पाया गया कि ये खुद को MBBS डॉक्टर बताकर इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलावड़ कर रहे हैं। इसके पहले इन्हें नोटिस भी जारी की गई थी, लेकिन सभी डॉक्टरों ने इसे नजरअंदाज कर दिया था।      

बता दें कि सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन के निर्देश पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुधीर कुमार ने 10 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर कराई है। ये इलाज के नाम पर मरीजों को ठग रहे थे। इनमें से किसी के पास भी MBBS की डिग्री नहीं है। इसके बावजूद ये प्रति मरीज 700 रूपए फीस ले रहे थे और अस्पताल में मरीजों को भर्ती कराकर नियम विरुद्ध इलाज कर रहे थे।

सीएमओ के अनुसार, जांच में सामने आया कि सभी ने क्लीनिक खोल रखे हैं। इनके क्लीनिक पर प्रतिदिन 10 से 50 मरीज उपचार कराने आते हैं। वहीं सरधना में शाहना परवीन ने नर्सिंग होम भी बना रखा है। इन सभी को 4-4 नोटिस दिए गए, लेकिन नोटिस देने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह कार्रवाई की है। पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग कड़ी कार्रवाई कर रहा है।    

इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई:

  • बिजेंद्र स्वरूप निवासी जेल चुंगी
  • फिरदोस गांव पिठलोकर थाना सरधना
  • सुनील कुमार निवासी रिठानी
  • कौसर अली निवासी आसिफाबाद थाना परीक्षितगढ़
  • प्रमोद तोमर निवासी शाहपीर गेट निकट थाना कोतवाली
  • अनुज सिरोही निवासी गांव समसपुर थाना हस्तिनापुर
  • फरमान निवासी आरटीओ पुल के पास शास्त्रीनगर
  • डालचंद निवासी मीनाक्षीपुरम थाना गंगानगर
  • अजय शर्मा व सुदेश शर्मा निवासी सरधना
     

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Umakant yadav

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