UP Politics: आजमगढ़ में गरजे OP Rajbhar, शिवपाल को बताया बिच्छू; बोले- ''न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेंगी''
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 07:01 AM (IST)
UP Politics News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर इन दिनों समाजवादी पार्टी के गढ़ आजमगढ़ में पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। आजमगढ़ पहुंचे राजभर ने ना केवल क्षेत्र की जर्जर सड़कों के निर्माण का श्रीगणेश किया, बल्कि सपा नेता शिवपाल यादव और अखिलेश यादव पर भी जमकर निशाना साधा।
मंत्री थे तो सड़क क्यों नहीं बनवाई?
राजभर आजमगढ़ की बदहाल सिकंदरपुर-नारियांव सड़क का हाल जानने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शिवपाल यादव को घेरते हुए कहा कि वे 5 साल तक लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री रहे, लेकिन उन्होंने इस इलाके की सुध नहीं ली। राजभर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने समस्या रखते ही सड़क निर्माण की मंजूरी मिल गई और काम भी शुरू हो गया। उन्होंने इसे डबल इंजन सरकार की असली ताकत बताया।
शिवपाल यादव पर बिच्छू वाला तंज
मीडिया से बातचीत के दौरान जब राजभर से शिवपाल यादव के बयानों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने तीखा प्रहार किया। राजभर ने कहा कि हम शिवपाल जैसे छोटे लोगों की चर्चा नहीं करते। बिच्छू भले ही छोटा होता है, लेकिन जब वह डंक मारता है तो दर्द बहुत गहरा होता है। ये वही छोटे लोग हैं जिनके साथ आने पर ही कभी सपा की सरकार बनी थी। राजभर यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि अगर शिवपाल इतने ही बड़े नेता हैं तो प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन जाते? उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, तब उन्हें इन्हीं छोटे दलों की याद आई थी।
2027 को लेकर भविष्यवाणी- 'न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेंगी'
सपा द्वारा 2027 में सरकार बनाने के दावों पर राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सपना है। उन्होंने पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेंगी। राजभर ने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का युवा जागरूक हो चुका है। वह अब केवल पार्टियों का झंडा ढोने वाला कार्यकर्ता नहीं रहा, बल्कि उसे बेहतर शिक्षा, रोजगार और सम्मान चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बलिया, मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ जैसे जिलों में पिछड़ों और दलितों की एकजुटता अब नया राजनीतिक समीकरण लिख रही है, जहां सपा का सूपड़ा साफ होना तय है।

