यूपीः नहीं होगी रेमिडीसिविर की कमी, चार कम्पनियों को भेजा पौने तीन लाख वायल का ऑर्डर

4/20/2021 2:13:26 PM

लखनऊः कोविड संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर मानी जा रही रेमिडीसिविर इंजेक्शन की प्रदेश में अब कोई किल्लत नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद आइसोलेशन में रहते हुए ऑक्सीजन और रेमिडीसिविर की उपलब्धता की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और नतीजा यह है कि आज मंगलवार की शाम तक जुबिलियंट फार्मा की ओर से करीब 25000 वायल की आपूर्ति कर दी जाएगी। यही नहीं, अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रदेश में पौने तीन लाख रेमिडीसीवीर की उपलब्धता होनी तय है।

सोमवार को टीम-11 के साथ बैठक करते हुए सीएम योगी ने रेमिडीसिविर और ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा की। बताया गया कि जुबिलियंट फार्मा, कैडिला, माइलिन और सिप्ला जैसी निर्माता कंपनियों को 2,75,000 रेमिडीसिविर की डिमांड भेजी गई है। इसमें सर्वाधिक एक-एक लाख वा वायल की आपूर्ति कैडिला और सिप्ला द्वारा होगी, जबकि माइलिन को 25000 और जुबिलियंट को 50,000 वायल की आपूर्ति करनी है। सीएम के आदेश पर अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल दवा निर्माता कम्पनियों से सीधे संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि यह आपूर्ति अगले दो से तीन दिनों के भीतर सुनिश्चित हो जाएगी। सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इनका वितरण पारदर्शितापूर्ण ढंग से किया जाए। सभी आपूर्तिकर्ताओं से संवाद स्थापित कर प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मांग प्रेषित करें।

कालाबाजारी पर लगेगा रासुका,जब्त होगी संपत्ति
जीवनरक्षक दवाओं की बढ़ती मांग के बीच कालाबाजारी की खबरों को सीएम ने बेहद गम्भीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि रेमिडीसीवीर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाज़ारी बड़ा अपराध है। इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट अथवा रासुका के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाए। यही नहीं, ऐसे लोगों के बारे में समाज में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि रेमिडीसिविर सहित किसी भी प्रकार के जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जा रही है।

बता दें कि रेमिडीसिविर इंजेक्शन को कोविड मरीजों के लिए जीवनरक्षक दवा के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि रेमडीसिविर इंजेक्शन को लोग महंगी कीमत पर भी खरीदने को तैयार हैं। रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में किया जाता है। हालांकि, कोरोना के इलाज में इसके प्रभावी ढ़ंग से काम करने को किसी ने मान्यता नहीं दी है।

 


Content Writer

Moulshree Tripathi

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