वाराणसी GI उत्पाद प्रदर्शनी: हस्तशिल्प उत्पादों को बड़े बाजारों की उम्मीद

1/22/2021 10:41:02 AM

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित ‘जीआई उत्पाद प्रदर्शनी' आम लोगों के साथ-साथ दूर-दूर के व्यवसायी खरीदारों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है । संयुक्त आयुत (उद्योग) उमेश सिंह ने कहा कि यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की ओर से आयोजित जीआई प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रही है।

बता दें कि बड़ा लालपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय संकुल में जीआई प्रोडक्ट्स की एक साथ वर्चुअल एवं स्थलीय का आयोजन किया गया है। हर दिन प्रदर्शनी में लोगों की संख्या बढ़ रही है। हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को उनके उत्पादों को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। कई उत्पादकों को ऑडर पूरा करने के लिए समान दोबारा मंगवाने पड़े हैं। व्यापार से संबंधी जानकारी लेने वालों की संख्या भी बढ़ी है। इस वजह से आने वाले समय में उत्पादकों को अपना बाजार बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।

उपायुक्त वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वाराणसी हस्तशिल्प का एक बड़ा केंद्र है। इस तरह के आयोजन से हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को बहुत लाभ मिल रहा है। उद्योग विभाग कला और उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चला रहा है। इन प्रयासों से निश्चय ही‘आत्मनिर्भर भारत'और‘आत्मनिर्भर यूपी'का उद्देश्य पूरा करने में मदद मिलेगी। यूपीआईडी की चेयरमैन क्षिप्रा शुक्ला ने स्टॉल्स का अवलोकन किया।

उन्होंने कहा कि इत्र जैसे उत्पादों का प्रयोग करके साबुन और मोमबत्ती जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिससे अधिक लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ कारीगरों ने प्रशिक्षण के बाद अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार किया है लेकिन पैकेजिंग को और आकर्षक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वाराणसी के कई पारम्परिक उत्पादों की मांग बढ़ी है। विदेशों में भारत के पारंपरिक उत्पादों की बहुत डिमांड है। फिक्की लगतार वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते प्रभावित जीआई प्रोडक्ट्स और ओडीओपी उद्यमियों तथा कारीगरों के लिए ऐसे आयोजन कर रहा है।


Moulshree Tripathi

Related News