दीपोत्सव को लेकर कुम्हारों में दुगना उत्साह, 6 लाख से अधिक दीपक बनाने का मिला काम

10/21/2019 7:59:49 PM

अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का तीसरा दीपोत्सव  बेहद खास होने जा रहा है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित विदेशी मेंहमान दीपावली में शामिल होंगें। इस दीपोत्सव के दौरान पूरी अयोध्या को सजाया जाएगा। 5 लाख 51 हजार से अधिक दीपों से घाटों को सजाया जाएगा। साथ ही प्रमुख मंदिरों और चैराहों पर भी दिप जलाये जाएंगे। जिसकों लेकर जहाँ अयोध्या और अयोध्यावासी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ आर्टीफिसियल दीयों और चाईना की झालरों के आने के बाद व्यवसाय मंदा होने से दुखी कुम्हारों के चहरे की रौनक इस बार साफ़ दिखाई दे रही है। जिसका खास कारण है अयोध्या को दीपों से सजाया जाना और इतने बड़े रामकाज में शामिल होना है।

इस दीपावली में सरयू के तट पर एक साथ 5 लाख 51 हजार दीपों को जलाकर दीप जलाने का नया वर्ड रिकार्ड बनाने की तैयारी है। इसके लिए लगभग 6 लाख दियो का आर्डर दिया जा चुका है। जिसके निर्माण के लिए बड़ी संख्या में कुम्हार लगे हैं और घर-घर दिए बनाए जा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में दिए बनाने के लिए कहीं स्वचालीय चाक तो कहीं बिजली से चलने वाले चाक से कुम्हार दिए बनाने में जुटे हैं और व्यवसाय बढ़ने से उनके चेहरे पर संतोष और ख़ुशी साफ देखी जा सकती है। कुम्हार इससे उत्साहित तो हैं ही कि इस बार उनका व्यवसाय बढ़ा है। साथ ही उन्हें इस बात की खुशी भी है कि वह त्रेता युग के इस महाआयोजन में भागीदार बनने जा रहे हैं।

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वेद प्रकाश गुप्ता विधायक अयोध्या का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री जी कि यह इच्छा थी कि इस बार दीपोत्सव में विभिन्न समाजिक संपठनों, मंदिरों, मट्ठों कि भागेदारी द्वारा दीपोत्सव में भाग लेकर दिपक जलाएं। उन्होने यह भी कहा कि अयोध्या धाम में अयोध्यानासीयों के बीच दीपोत्सव उत्सव को लेकर बड़ा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार बहुत अच्छा महोल बना हुआ है और प्रभु राम जी की कृपा है इस बार ऐतिहासिक दीपोत्सव होगा।

 
पूरे गांव के  कुम्‍हार कर रहे हैं मोदी-योगी की तारीफ
गांव के लोग दीपोत्सव के आयोजन को लेकर मोदी व योगी सरकार की तारीफ कर रहे हैं। इनका कहना है कि उनका परिवार तीन साल पहले बेरोजगारी की ओर जा रहा था। गांव के लोग अपनी कुम्हारी कला को छोड़ कर मेहनत-मजदूरी करने के लिए बाहर शहरों की ओर जा रहे थे। लेकिन अब वे अपने पुश्तैनी पेशे को अपनाने के लिए वापस आ रहे हैं। उनका कहना है कि दीपोत्सव व प्लस्टिक पर लगी रोक से उनकी कुम्हारी कला को नया प्रोत्साहन मिला है। 


Ajay kumar

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