बुजुर्ग माता-पिता को सताया तो संपत्ति से बेदखल होंगी संतानें, Yogi Cabinet का बड़ा फैसला
punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 10:23 AM (IST)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में अब माता-पिता और बुजुर्गों के साथ बदसलूकी करना या उनकी अनदेखी करना संतानों को भारी पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के हक में एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। सरकार ने उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 में संशोधन को हरी झंडी दे दी है। कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नियमावली के नियम 22 में नए उप-नियम 22क, 22ख और 22ग जोड़े गए हैं। इस बदलाव का सीधा मकसद बुजुर्गों को उनके अपने ही घर में सुरक्षा, सम्मान और कानूनी अधिकार देना है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अगर कोई संतान या कानूनी वारिस बुजुर्ग माता-पिता का ख्याल नहीं रखता, उन्हें बुनियादी जरूरतें मुहैया नहीं कराता या उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार करता है, तो बुजुर्गों को अब लंबी अदालती कार्रवाई के चक्कर नहीं काटने होंगे। पीड़ित बुजुर्ग सीधे अपने जिले के जिला मजिस्ट्रेट (DM) के सामने अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। जिला मजिस्ट्रेट को शिकायत मिलने के 30 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी करके बेदखली का आदेश जारी करना होगा। मामलों के जल्द निपटारे के लिए डीएम को हर महीने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजनी होगी।
बताया जा रहा है कि ऐसे बुजुर्ग जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं या दफ्तरों के चक्कर लगाने में असमर्थ हैं, उनके लिए सरकार जल्द ही एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू करने जा रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए प्रशासनिक टीम खुद बुजुर्गों तक पहुंचेगी और उनकी शिकायत दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी कराएगी। उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि संपत्ति से बेदखल करने के इस कानूनी अधिकार से संतानों में डर पैदा होगा, जिससे बुजुर्गों के साथ होने वाले अत्याचारों पर रोक लगेगी और उन्हें अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में सम्मानजनक जिंदगी जीने का हक मिलेगा।

