घायल को पीठ पर लादकर अस्पताल पहुंचाने वाले दारोगा को किया जाएगा सम्मानित

Friday, January 5, 2018 12:56 PM
घायल को पीठ पर लादकर अस्पताल पहुंचाने वाले दारोगा को किया जाएगा सम्मानित

आगरा(बृज भूषण): आगरा में एक दरोगा ने टेम्पो पलटने के बाद, एक्सीडेंट में घायल हुए लोगों को अपनी पीठ पर लादकर अस्पताल ले जाने का जो फर्ज अदा किया है। कहीं ना कहीं ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए, ये फर्ज एक सीख देता है। जिन पर जनता अक्सर ऊंगली उठाती हैं। दरअसल दरोगा का यह फर्ज वाला मामला उस समय प्रकाश में आया। जब वुमन सेल 1090 के आईजी नवनीत सिकेरा ने घायल को पीठ पर लादकर ले जाने वाला दरोगा का फोटो फेसबुक पर शेयर किया। साथ ही दारोगा को आगरा के एसएसपी से पुरस्कृत करने के लिए भी लिखा है।

जानिए पूरा मामला
दरअसल आपको बता दें कि नए साल वाले दिन यानी 01 जनवरी 2018 को भगवान टॉकीज चैराहा से कुछ सवारियां ऑटो में सवार होकर अपने गंतव्य को जाने के लिए बैठी थी। तभी ऑटो कुछ ही दूरी पर पहुंचा था कि अचानक से उसका आगे का पहिया टूट गया और टेैम्पो पलट गया। जिससे उसमें सवार यात्री घायल हो गए। हादसे की सूचना जैसे ही दयाल बाग चौकी इंचार्ज जे.पी. राजौरिया को लगी तो वह आनन- फानन में घटनास्थल पर पहुंच गए और घायलों को अस्पताल भिजवाने की कार्रवाई में जुट गए। 

पीठ पर लाद पहुंचाया अस्पताल
दरोगा जे.पी. राजौरिया ने कुछ घायलों को गाड़ी में बैठाकर अस्पताल भेज दिया। तो वहीं 2 लोग गाड़ी में बैठने में असमर्थ थे। ऐसे में दरोगा जे.पी. राजोरिया को कुछ समझ में नहीं आया और घायल को इलाज की जरूरत देखते हुए उन्होंने उसे अपनी पीठ पर ही लाद लिया और उसे लेकर अस्पताल की ओर दौड़ने लगे। दरोगा जे.पी. राजौरिया 100 मीटर की दूरी ही तय कर सके कि तभी घायलों के परिजन वहां पहुंच गए और घायलों को अपने साथ अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले गए। 

सोशल मीडिया पर हुई फोटो वायरल
दरोगा जे.पी. राजोरिया जिस समय घायल को अपनी पीठ पर लादकर अस्पताल की ओर ले जा रहे थे। तभी वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति के द्वारा फोटो खींच ले गए। इसके बाद यह फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई। जिसके बाद नवनीत सिकेरा के पास भी यह फोटो पहुंची तो दरोगा का मानवता भरा फर्ज देखकर उनसे रहा गया नहीं और उन्होंने भी दरोगा का फोटो शेयर कर दिया। 

यह दृश्य देख हतप्रभ रह गए लोग
उन्होंने फेसबुक पर किए गए पोस्ट में लिखा है कि दुर्घटना हुई तो खंदारी चौकी इंचार्ज घायल को पीठ पर लादकर ही हॉस्पिटल को भागे। आगरा में जिन लोगों ने यह दृश्य देखा हतप्रभ रह गए। मैंने आगरा एसएसपी से बात कर उक्त चौकी इंचार्ज को पुरस्कृत करने और इस घटना को उनके रोल में उनके योगदान के रूप में लिखने को कहा है। 

अधिकारियों को हो रहा गर्व महसूस
दरोगा जेपी राजोरिया के इस कार्य से जहां आगरा पुलिस अधिकारियों को गर्व महसूस हो रहा है तो वहीं इस मानवता वाले फर्ज से खाकी के उन नुमाइंदों को सीख भी लेने की जरूरत है जिन पर अक्सर अवाम उंगलिया उठाती नजर आती है।


 



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