NEET प्रदर्शन में तोड़फोड़ करने वाले 10 गिरफ्तार, निकले फल विक्रेता और सफाईकर्मी... भड़के Akhilesh Yadav बोले- ''बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों में...''
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 08:15 AM (IST)
Prayagraj News: नगर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र अंतर्गत पत्थर गिरिजाघर पर नीट पेपर लीक के विरोध में 25 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन में निजी कारों में तोड़फोड़ करने के आरोपी 10 युवकों को पुलिस ने बीते सोमवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करने के केंद्र के आश्वासन पर भी सवाल उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्रों को तुरंत रिहा करने की मांग की।
पुलिस उपायुक्त मनीष शांडिल्य ने बताया कि 25 जुलाई को पत्थर गिरिजाघर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान निजी वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले लोगों की सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के जरिए पहचान कर पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ की घटना को लेकर थाना सिविल लाइंस में अब तक 3 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
शांडिल्य ने कहा कि पकड़े गए व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच करने पर पाया गया कि इनमें से एक भी व्यक्ति छात्र नहीं है और इनमें से कोई फल बेचता है तो कोई होटल में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत है। इनमें से एक व्यक्ति के खिलाफ नैनी थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन के आह्वान की जानकारी मिलने पर ये आरोपी पत्थर गिरिजाघर के पास पहुंचे थे। कानून-व्यवस्था खराब करने के मकसद से पत्थर गिरिजाघर आए इन लोगों को उन मुद्दों की भी जानकारी नहीं थी जिनको लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।
इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में हुए प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम कई छात्रों को बिना नंबर प्लेट वाहनों में उठाकर ले गई। यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि पूरे देश की जानकारी के लिए-यह बेहद गंभीर खबर है। प्रयागराज में हुए प्रदर्शन के नाम पर उत्तर प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम बड़ी संख्या में छात्रों को बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों में उठाकर ले गई है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया था कि किसी भी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब ऐसा किसके निर्देश पर हुआ है? क्या उत्तर प्रदेश पुलिस प्रधानमंत्री के आश्वासन और वादे को महज खोखला साबित करना चाहती है? यादव ने मांग की कि जिन-जिन छात्रों को उठाया गया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। इस कथित अवैध कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए तथा उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने न्यायपालिका से भी हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि मैं न्यायालय से इन छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे खतरे का तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध करता हूं।

