करोड़ों का खेल और सेहत से खिलवाड़: बड़े शहर के दवा बाजार में हड़कंप, 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की छापेमारी में खुला बड़ा राज
punjabkesari.in Sunday, Jul 12, 2026 - 10:23 AM (IST)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आगरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 दवा फर्मों पर एक साथ छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई में अब तक 3.63 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संदिग्ध, नकली और सरकारी आपूर्ति की दवाएं जब्त की गई हैं तथा 3 नई एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीमों ने आगरा के विभिन्न बाजारों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 13 दवा प्रतिष्ठानों की जांच की गई। दो प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया, जबकि कुछ अन्य पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत बिक्री पर रोक लगाई गई। जांच के लिए 35 संदिग्ध दवा नमूने भी एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
एफएसडीए के अनुसार जांच में नकली दवाओं, सरकारी अस्पतालों और अन्य संस्थानों की नॉट फॉर सेल दवाओं की अवैध बिक्री, री-लेबलिंग, फर्जी बिलिंग तथा बिना वैध दस्तावेजों के दवा कारोबार से जुड़े एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों द्वारा प्रस्तुत खरीद-बिक्री के बिल संदिग्ध पाए गए, जबकि कई मामलों में संबंधित फर्मों ने दवाओं की आपूर्ति से इंकार किया।
विभाग ने बताया कि जांच के आधार पर कई दवा कारोबारियों और फर्म संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। ताजा कार्रवाई के बाद अभियान के दौरान दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी। एफएसडीए के अनुसार मई 2026 से चल रहे विशेष अभियान में अब तक 58 थोक दवा लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए जा चुके हैं।
विभाग का कहना है कि कार्रवाई केवल नकली दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने अधिकारियों को नकली दवाओं, अवैध री-लेबलिंग, फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी तथा अंतरराज्यीय दवा आपूर्ति नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि दवा व्यापारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें जांच में सही पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

