''चौकी में पीटा, 15 हजार लिए''... संतकबीरनगर जेल में कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ/त, मचा हड़कंप
punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 09:24 AM (IST)
Sant Kabir Nagar News: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में चोरी के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध एक आरोपी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस चौकी में उसकी पिटाई करने और रुपए लेने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के अमरहां गांव निवासी टुनटुन को मेंहदावल पुलिस ने 21 सितंबर को चोरी के मामले में उसके साथी जोगिंदर प्रजापति के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से चोरी के सामान की बिक्री से मिले 2,500 रुपए, 2 पानी की मोटर, एक गैस सिलेंडर, 400 ग्राम गांजा और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई थी। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था।
मंगलवार को जिला कारागार में टुनटुन की तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन उसे तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मृतक की बेटी रूपा ने आरोप लगाया कि उसके पिता को चोरी के मामले में फंसाया गया था। उसने कहा कि पुलिस उन्हें बिसौवा चौकी पर बुलाकर ले गई थी, जहां उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके भाई की बाइक छोड़ने के लिए पुलिस ने 15 हजार रुपए लिए थे।
रूपा के मुताबिक, वह सोमवार को अपने पिता से जेल में मुलाकात करने गई थी। उस दौरान पिता ने बैठकी आदि के लिए रुपए मांगे थे और अपनी तबीयत ठीक बताई थी। उसने अगले दिन रुपए लेकर आने की बात कही थी। शाम करीब 3 बजे वह जेल से चली गई। रात करीब 12 बजे परिवार को जेल से फोन के माध्यम से टुनटुन की मौत की जानकारी मिली। रूपा ने आरोप लगाया कि उसके पिता के शरीर पर चोट के निशान थे और उन्हें चोरी के मामले में फंसाने के साथ गांजा रखने का भी आरोप लगाया गया था। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर कैदी की बीमारी के कारण मौत होने की बात कही गई है और परिजनों के आरोपों से इंकार किया गया है। मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमाटर्म रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

