Food Poisoning बनी BJP नेत्री के पति की मौत की वजह! छोटी सी भी लापरवाही बन सकती है जानलेवा, इन संकेतों को भूलकर भी न करें Ignore

punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 05:19 PM (IST)

UP Desk : समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के अचानक निधन की खबर ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रतीक यादव की अस्थियों का शनिवार को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा में विसर्जन किया गया। 

13 मई को हुआ था निधन 
आप को बता दें कि प्रतीक यादव का 13 मई को लखनऊ में आकस्मिक निधन हो गया था। आज उनकी पत्नी अपर्णा यादव, पुत्रियां प्रथमा और पद्मजा, अपर्णा के पिता अरविंद सिंह बिष्ट तथा भाई अमन सिंह बिष्ट अस्थि कलश लेकर जॉलीग्रांट पहुंचे, जहां से परिवार हरिद्वार पहुंचा। वीआईपी घाट पर तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन पांडेय ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजन और पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई।

क्या ‘फूड पॉइजनिंग’ से गई प्रतीक की जान 
फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चाओं में रहने वाले 38 वर्षीय प्रतीक यादव की मौत को लेकर ‘सस्पेक्टेड फूड पॉइजनिंग’ की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या फूड पॉइजनिंग जैसी आम दिखने वाली समस्या भी जानलेवा साबित हो सकती है।

क्या है फूड पॉइजनिंग?
फूड पॉइजनिंग एक ऐसी स्थिति है, जब व्यक्ति दूषित भोजन या संक्रमित पानी का सेवन कर लेता है। इसमें बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या उनके टॉक्सिन्स शरीर में पहुंचकर संक्रमण पैदा करते हैं। आमतौर पर बासी खाना, अधपका मांस, दूषित पानी, खराब डेयरी प्रोडक्ट्स या लंबे समय तक खुले में रखा भोजन इसकी बड़ी वजह बनते हैं। कई बार साफ-सफाई में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है।

फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षण
लगातार उल्टी होना
पेट में दर्द या मरोड़
दस्त लगना
तेज कमजोरी और थकान
बुखार आना
चक्कर महसूस होना
भूख न लगना
अधिकतर मामलों में मरीज 1-2 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन कई बार संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकता है।

ये संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
अगर फूड पॉइजनिंग के दौरान ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है :- 
102°F से ज्यादा तेज बुखार
उल्टी या मल में खून आना
बार-बार बेहोशी या तेज चक्कर
पेशाब कम होना या गहरे रंग का आना
सांस लेने में परेशानी
भ्रम या धुंधला दिखाई देना

कैसे करें बचाव?
फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए खाने-पीने में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। हमेशा ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाएं। फल और सब्जियों को साफ पानी से धोकर इस्तेमाल करें। कच्चे मांस और अंडों को बाकी खाद्य पदार्थों से अलग रखें। बचा हुआ खाना दो घंटे के भीतर फ्रिज में स्टोर करें और लंबे समय तक खुले में रखा भोजन खाने से बचें। अगर फूड पॉइजनिंग हो जाए तो शरीर में पानी की कमी न होने दें। ORS, नारियल पानी और पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा लेने से बचें।

फूड पॉइजनिंग कब हो सकती है जानलेवा?
विशेषज्ञों के मुताबिक फूड पॉइजनिंग का सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन होता है। लगातार उल्टी और दस्त की वजह से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की भारी कमी हो जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर इसका असर किडनी, दिल और दिमाग तक पहुंच सकता है।

कुछ मामलों में E.coli जैसे बैक्टीरिया गंभीर संक्रमण फैलाकर किडनी फेलियर का कारण बन सकते हैं। वहीं Listeria संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है और गर्भपात जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। दुर्लभ मामलों में संक्रमण नसों और दिमाग को भी प्रभावित कर सकता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?
फूड पॉइजनिंग कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। इनमें शामिल हैं :- 
5 साल से कम उम्र के बच्चे
65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग
गर्भवती महिलाएं
कैंसर, डायबिटीज या ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित मरीज
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग
 


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Content Editor

Purnima Singh

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