वर्ष 2005-14 के दौरान लाखों किसानों ने आत्महत्या की, मोदी सरकार में हालात बदले : Yogi Adityanath
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 04:05 PM (IST)
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दावा किया कि वर्ष 2005 से 2014 के बीच पूरे देश में लाखों किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर खुदकुशी कर ली लेकिन पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हालात में काफी बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडलों के लिए संयुक्त खरीफ उत्पादकता सेमिनार-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में आए बदलाव ने किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने और देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनने में सक्षम बनाया है।
उन्होंने कहा, ''अगर हम वर्ष 2005 से 2014 तक के दौर को देखें, तो पूरे देश में लाखों किसानों ने आत्महत्या की। इन घटनाओं के पीछे एक त्रासदी थी। किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज नहीं मिल रहे थे, खेती की लागत बढ़ रही थी, उत्पादकता घट रही थी और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के तहत अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा था।'' मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उस दौर में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए आपदा प्रबंधन और राहत के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
आदित्यनाथ ने दावा किया कि किसानों को अब उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिल रहा है और वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "पिछले 12 वर्षों में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, कृषि और खेती में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। किसान अब समाज की मुख्यधारा और राष्ट्र-निर्माण का हिस्सा बनते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र की बेहतर स्थिति ने उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी कृषि अर्थव्यवस्थाओं में से एक में बदलने में अहम भूमिका निभाई है।

