पूर्व MLA के बेटे ने कैंसर पीड़ित पत्नी को गोली मारकर खुद को भी उड़ाया, कोर्ट केस और तनाव में थे पूर्व दारोगा
punjabkesari.in Monday, Jun 15, 2026 - 12:48 PM (IST)
Firozabad News: उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जनपद के शिकोहाबाद में शनिवार को पूर्व विधायक जगदीश सिंह के पुत्र राकेश यादव ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के कारण अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पहले पत्नी को गोली मारी फिर बाद में खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दिल दहलाने वाली घटना मे दंपत्ति की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक दंपत्ति के शवों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस मामले में काफी गहनता से मामले की जांच कर रही है।
लहूलुहान मिले पूर्व विधायक के बेटे और बहू
शिकोहाबाद के सुभाष तिराहा के समीप बनी एक कोठी में बीती रात गोलियों के गड़गड़ाहट के साथ चीखपुकार मच गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग कोठी की तरफ भागे तो वहां पता चला पूर्व विधायक जगदीश सिंह के बेटे राकेश यादव (72) और उनकी पत्नी राम मूर्ति (65) लहु लुहान हालत में पड़े हैं। पास में ही राकेश यादव की लाइसेंसी रिवाल्वर भी पड़ी हुई थी। घर में मृतक दंपत्ति की दोनों पुत्री गरिमा और प्रतिमा मौजूद थी। हादसे की सूचना पर पड़ोसी रिश्तेदार थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर पहुंचाया जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
भतीजे के केस और पिता की साख खोने के डर से थे तनाव में
राकेश यादव पुलिस में दारोगा थे किंतु बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर पिता के साथ सामाजिक क्षेत्र में आ गए उनके पिता कांग्रेस से शिकोहाबाद के विधायक रहे बाद में राकेश यादव ने भी जनता दल के टिकट पर मुलायम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था। राकेश यादव आदर्श कृष्ण इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी कई वर्षों तक रहे। उनके ऊपर उनके ही परिवार के भतीजे द्वारा 420 हेराफेरी और गवन का आरोप लगाया था। जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। जिसको लेकर वह काफी मानसिक तनाव में थे और उन्होंने डर लगता था कि उनके कारण दिवंगत विधायक पिता की प्रतिष्ठा भी धूमिल हो रही है। इसको लेकर में काफी परेशान रहते थे।
टूट चुके थे राकेश यादव, पत्नी की हत्या कर खुद को उड़ाया
न्यायालय में संबंधित मामले की 12 जून को तारीख भी थी। उनके केवल 2 विवाहित बेटियां गरिमा और प्रतिमा है जो उनके तनाव में होने के कारण उनके पास आजकल शिकोहावाद ही रह रही थी। बड़ी बेटी गरिमा ने उन्हें काफी समझाने का काम किया गया। उनकी पत्नी राम मूर्ति को कैंसर होने की जानकारी के बाद वह और टूट गए थे। माना जा रहा है मानसिक तनाव के बीच अपने को अकेला पाकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पहले पत्नी को गोली मारी उसके बाद खुद को गोली मार कर दोनों की जीवन लीला समाप्त कर ली गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लॉग्हे और अपर पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी सहित सभी अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे गए। फॉरेंसिक टीम द्वारा रिवाल्वर तथा खोखा सहित आवश्यक साक्ष्य फिंगरप्रिंट आदि एकत्रित किए गए जिन्हें जांच के लिए लैव भेजा जाएगा।
बड़ी बेटी ने भाई और राजनीतिक दुश्मनों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनुज चौधरी ने बताया है की प्रथम द्दष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया गया। किंतु पुलिस अन्य पहलुओं को भी ध्यान रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है। मृतक दंपत्ति की बड़ी पुत्री द्वारा परिवार के ही भाई राहुल तथा कुछ अन्य राजनीतिक लोगों पर अपने पिता के उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगाया जा रहा है पुलिस द्वारा रिपोर्ट लिखाए जाने पर आरोपों की जांच की जाएगी।

