3 किस्तें ही दी थीं, पानी में बह गया 45 हजार का फोन... नहीं मिला तो बिलख कर रो पड़ा डिलीवरी बॉय
punjabkesari.in Wednesday, Aug 19, 2026 - 10:30 AM (IST)
Muzaffarnagar News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में बीते मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर नगर पालिका के दावों की पोल खोलकर रख दी। शहर का व्यस्ततम शिव चौक कई फीट पानी में डूब गया। गाड़ियां रेंगती रहीं, लोग जूझते रहे—लेकिन इसी जलभराव के बीच एक ऐसी दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। सड़क पर घुटनों तक भरे गंदे पानी में एक युवक घंटों तक बेबसी से हाथ मार-मारकर अपना मोबाइल फोन तलाशता रहा। कभी वह पानी में नीचे झुककर फोन टटोलता, तो कभी खाली हाथ खड़े होकर बेबस नजरों से बहते पानी को ताकता। जब काफी मशक्कत के बाद भी फोन नहीं मिला, तो बीच सड़क पर ही उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
बताया जा रहा है कि रोता हुआ यह युवक रामपुरी का रहने वाला विशाल है, जो एक डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है। विशाल के लिए वह फोन सिर्फ 45 हजार रुपए की कोई इलेक्ट्रॉनिक चीज नहीं थी, बल्कि उसकी और उसके परिवार की आजीविका की इकलौती चाबी थी। इसी फोन पर दिनभर ऑर्डर आते थे, मैपिंग दिखती थी और इसी के भरोसे उसके घर का चूल्हा जलता था। विशाल ने नम आंखों से बताया कि उसने महज 3 महीने पहले ही यह मोबाइल किस्तों (EMI) पर खरीदा था। अभी तक वह सिर्फ 3 किस्तें ही भर पाया था और बाकी का भारी कर्ज अभी सिर पर चढ़ा हुआ था। मंगलवार को जब वह शिव चौक के पास खाना डिलीवर करने जा रहा था, तभी जलभराव के बीच अचानक फोन उसके हाथ से फिसलकर पानी में समा गया।
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने विशाल को पानी में बिलखते देखा, तो उसका वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विशाल ने इस पूरी तबाही के लिए मुजफ्फरनगर नगर पालिका के घटिया ड्रेनेज सिस्टम और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। विशाल ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि मैं एक गरीब आदमी हूं, मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता हूं। सड़क पर इतना पानी भरा था कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आया। मेरा फोन चला गया तो मेरा काम भी बंद हो गया। मुझे इंसाफ चाहिए और नगर पालिका से आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। विशाल के छलकते आंसू सिर्फ एक फोन खोने का मलाल नहीं थे, बल्कि उस रोजगार के छिन जाने का खौफ थे, जिसके दम पर उसके पूरे परिवार की सांसें टिकी हैं।

