शिया मुस्लिम महिलाओं ने छाती पीटकर किया विरोध प्रदर्शन, कहा- ''एक खामेनेई मरेगा तो हजार खामेनेई पैदा होगा''

punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 01:51 PM (IST)

लखनऊ: इजरायल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर का असर रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी देखने को मिला। घंटाघर क्षेत्र के पास बड़ी संख्या में शिया मुसलमान सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथ में लेकर नारेबाजी की और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। काले कपड़े पहनकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान महिलाएं रोती नजर आईं। उनका कहना है कि खामेनेई शेर थे। उन्होंने कहा कि खामेनेई को धोखे से मारा गया है।

इजरायल और अमेरिका के खिलाफ लगाए नारे 
इस दौरान लोगों ने छाती पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि खामेनेई की हत्या की गई है और यह कार्रवाई धोखे से की गई। उनका आरोप था कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों ने विश्वासघात किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक खामेनेई के जाने के बाद भी उनके विचार जिंदा रहेंगे। 

'खामेनेई को धोखे से मारा गया'
एक प्रदर्शनकारी महिला ने रोते हुए कह रही है कि... 'खामेनेई को धोखे से मारा गया। जिनकी नस्‍लों में धोखा है, उन्‍होंने मारा है मेरे खामनेई को। खामेनेई मेरा शेर था। कल भी शेर था। आज भी शेर है और कयामत तक शेर रहेगा। एक खामेनेई मरेगा तो हजार खामेनेई पैदा होगा। हम मांओ ने बेटे जने हैं कुर्बानियां देने के लिए।' अपनी छाती पीटती हुई महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल पर लानत है। ये धोखेबाज और गद्दार हैं। इनसे कभी वफा नहीं हो सकती है। इनकी नस्‍लें गद्दार और धोखेबाज हैं।

 

'ये हमला आतंकवादी हमला' 
वहीं, शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मौलाना ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल की नीतियों से दुनिया में तनाव और हिंसा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं थे, बल्कि वे दुनिया भर के वंचित और उत्पीड़ति लोगों की आवाज थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात किस दिशा में जाएंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि ईरान इस संकट से उबर जाएगा। 
 


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Content Editor

Pooja Gill

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