फर्जी शिक्षक मामलाः कुशीनगर में 94 संदिग्ध शिक्षकों में 87 ने ही जमा किये अभिलेख

8/8/2020 8:19:07 PM

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में चल रही जांच में 94 शिक्षकों के अभिलेख संदिग्ध मिले है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि जमा कराए गए शिक्षकों के अभिलेख व विभाग में फीड कराए गए विवरण में अंतर आ रहा है। जिले के ऐसे 94 शिक्षकों का अभिलेख संदिग्ध पाया गया है। इनका वेतन रोकते हुए शुक्रवार को पुन: डायट कार्यालय में मूल अभिलेखों के साथ बुलाया गया था जिसमें 87 शिक्षकों ने सत्यापन के लिए अपने अभिलेख जमा किए। देर शाम तक इनका सत्यापन कार्य चल रहा था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 के बाद प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों की जांच चल रही है। इसके लिए शिक्षकों का विवरण भी पोटर्ल पर ऑनलाइन अपलोड कराया गया है। जून के वेतन के लिए शिक्षकों का जो विवरण बीएसए कार्यालय की तरफ से वित्त एवं लेखाधिकारी अनुभाग को उपलब्ध कराया गया है। उसका और खंड शिक्षाधिकारियों की तरफ से उपलब्ध कराए गए विवरण का मिलान कराया गया तो 94 शिक्षकों के अभिलेख व कंप्यूटराइज्ड डॉटा में अंतर पाया गया था। इस वजह से वित्त एवं लेखाधिकारी ने इन सभी 94 शिक्षकों का जून का वेतन बाधित कर दिया है। इसकी जानकारी भी बीएसए को दी गई है।      

बीएसए की तरफ से इन शिक्षकों को एक और मौका देते हुए डायट कार्यालय में शुक्रवार को उपस्थित होकर पुन: अपने मूल अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। साथ ही इस विवरण व डाटा के सत्यापन के लिए सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी (सर्व शिक्षा) अरविंद मणि त्रिपाठी, बीईओ अजय कुमार तिवारी, सुरेंद्र नाथ, सत्यप्रकाश और शेष बहादुर सरोज समेत पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। शुक्रवार को इन सभी 94 शिक्षकों को डायट कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच बुलाया गया था। इन शिक्षकों को जन्मतिथि प्रमाण पत्र, पैन नंबर, आधार काडर् और कार्यभार ग्रहण समेत अन्य अभिलेखों के प्रमाण पत्र के साथ जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत करना था जिसमें से जिले के 87 शिक्षकों ने डायट कार्यालय में उपस्थित होकर अपने संबंधित अभिलेख जमा किए हैं।       

बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि अभिलेखों के सत्यापन के दौरान जिले के 94 शिक्षकों का विवरण संदिग्ध पाया गया है। इन सभी संबंधित शिक्षकों को पुन: सत्यापन के लिए डायट कार्यालय पर शुक्रवार को बुलाया गया था। इसमें से 87 शिक्षकों ने प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए जमा किए गए हैं। सभी अभिलेखों की गहनता से जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोटर् के आधार पर अगली कारर्वाई की जाएगी।


Ajay kumar

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