STF और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक तस्कर को किया गिरफ्तार, 295 कछुए बरामद...शक्तिवर्धक दवाओं के लिए होती है तस्करी

punjabkesari.in Sunday, Aug 07, 2022 - 08:56 PM (IST)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने अन्तरराज्यीय स्‍तर पर कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह के एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 295 कछुओं को बरामद किया है। एसटीएफ मुख्यालय से रविवार को जारी बयान में यह जानकारी दी गई।

एसटीएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वन विभाग के साथ साझा टीम ने शनिवार को बंथरा इलाके में लखनऊ-कानपुर मार्ग पर हनुमान मंदिर तिराहा के पास से आरोपी तस्कर को मुखबिर की सटीक सूचना पर गिरफ्तार किया। तस्कर की पहचान उन्नाव जिले के मोहल्ला गोताखोर निवासी वसीम के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उसके कब्जे से 295 जीवित कछुओं की बरामदगी की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गोंडा, बहराइच, लखीमपुर आदि जिलों से कछुओं को ले जाकर उन्‍नाव में एकत्र करते हैं, जिसके बाद उन्हें ट्रेन के माध्‍यम से पश्चिम बंगाल में आपूर्ति करते हैं।

आरोपी ने बताया कि बंगाल से कछुओं को अन्य देशों में भेजा जाता है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध क्षेत्रीय रेंज सरोजनी नगर, अवध वन प्रभाग लखनऊ में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम तथा अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि भारत में कछुओं की 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियां उत्तर प्रदेश में पाई जाती हैं। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। जीवित कछुए के मांस या उन्हें पालने के लिए तस्करी होती है। इसके अलावा कछुएं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखा कर शक्ति वर्धक दवा के लिए इनकी तस्करी बड़े पैमाने होती है। यमुना, चम्बल, गंगा, गोमती, घाघरा, गण्डक आदि नदियों में ये कछुए बहुतायत में पाए जाते हैं।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Mamta Yadav

Related News

Recommended News

static