संभल जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी पर लिखा गया गीता का ये श्लोक, जानें इसका अर्थ, क्यों है ये सबसे अलग ?

punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 12:12 PM (IST)

संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सामने बन रही सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। अब साज-सज्जा का काम तेजी से किया जा रहा है। इस पुलिस चौकी के प्रवेश द्वार पर राजस्थान का सफेद संगमरमर लगाया गया है। जिसपर महाभारत के उस रथ की आकृति उकेरी गई है, जिसमें अर्जुन सवार थे। साथ ही जिसके सारथी स्वयं भगवान श्री कृष्ण थे। इतना ही नहीं इस रथ के साथ श्रीमद्भगवद्गीता के चौथे अध्याय का सातवां श्लोक भी लिखा गया है। 

रथ के साथ ये श्लोक अंकित 
 यह श्लोक है, 'यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम।। परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे॥' इस श्लोक को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को धर्म और अधर्म के बीच युद्ध का ज्ञान देते हुए सुनाया था। 

श्लोक का हिंदी अर्श 
जिसका हिंदी अर्श है, 'जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब ही मैं अपने रूप को रचता हूं, अर्थात साकार रूप से लोगों के सम्मुख प्रकट होता हूं। साधु पुरुषों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की स्थापना करने के लिए मैं युग-युग में प्रकट हुआ करता हूं।'

पुलिस चौकी की इस आकृति में क्या है खास
ऐसा कहा जाता है कि सतयुग में संभल का नाम सत्यव्रत नगर था। इसी के आधार पर सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण किया गया है। इस आकर्षक आकृति को राजस्थान के कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। पुलिस चौकी के प्रवेश द्वार पर बनी इस आकृति में वॉशेबल और एनिमेटेड कलर का इस्तेमाल किया गया है। जिसका फायदा ये होगा कि इसे न धूप फेड कर पाएगी और न ही पानी खराब कर पाएगा। बता दें कि इस पुलिस चौकी का लोकार्पण रामनवमी पर होने की संभावना है। 


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Content Editor

Purnima Singh

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