CM Yogi ने विपक्ष को खूब सुनाई खरी खोटी, कहा- पूर्ववर्ती सरकारों ने नौजवानों के तोड़े सपने

punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 07:26 PM (IST)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की पूर्ववर्ती सरकारों को विकास विरोधी करार देते हुए मंगलवार को कहा कि उन्होंने न केवल प्रदेश का विश्वास तोड़ा, बल्कि यहां के युवाओं के ''सपनों को भी चकनाचूर'' किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल 'निवेश मित्र 3.0' की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। 


उन्होंने कहा, ''यह विश्वास, जिसे राजनीतिक कारणों से पिछली सरकारों ने तोड़ा था, केवल विश्वास नहीं था, बल्कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों के सपनों को भी चकनाचूर किया गया था।'' योगी ने समारोह में उपस्थित निवेशकों से मुखातिब होते हुए कहा, ''उत्तर प्रदेश देश के भीतर निवेश के एक विशेष गंतव्य के रूप में स्थापित हो-यह सपना नौ वर्ष पहले देखा गया था। आप सभी की उपस्थिति उस सपने को जमीन पर उतारने का कार्य कर रही है।'' उन्होंने कहा, ''आपने प्रदेश में 'डबल इंजन' सरकार पर विश्वास किया है। आपके इस विश्वास पर खरा उतरने और आपको अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए इस सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नीत सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके कारण उत्तर प्रदेश पूरे देश में निवेश के प्रमुख स्थल के रूप में उभरा है। योगी ने कहा, ''इस विश्वास को देखकर लगता है कि वास्तव में यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।'' उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ''उत्तर प्रदेशवासियों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था। देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाए गए थे।'' योगी ने कहा, ''मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में डबल इंजन की उत्तर प्रदेश सरकार पर आपने जो विश्वास नौ वर्षों से लगातार व्यक्त किया है, उस पर खरा उतरने के लिए हमारी टीम ने निरंतर परिश्रम किया है और उसके परिणाम हर स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।

 एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने आयोजित कार्यक्रम में 45 कंपनियों को प्रोत्साहन राशि वितरण और 62 कंपनियों को 'लेटर ऑफ कंफर्ट' (एलओसी) प्रदान किए जाने को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग 50,000 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 मुख्यमंत्री ने बताया कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत 'लैंड यूज' की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है और अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही इसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उद्यमी प्रदेश में आने से कतराते थे और इस नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारण थे। उन्होंने कहा कि पहला पहचान का संकट और दूसरा, माफिया व आपराधिक गिरोहों का प्रभाव, जो हर जिले और थाने में समानांतर सत्ता चलाकर उद्यमियों, व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था।

योगी ने कहा, "हमने तय किया कि हम उत्तर प्रदेश के अंदर अपराध और अपराधी के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतेंगे। यह नीति पहले दिन से आज तक अनवरत बनी हुई है।" उन्होंने कहा, "अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो, किसी भी प्रकार का कोई सरपरस्त क्यों न हो, अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो ये मानकर चलिए कि वह अपने उस दुस्साहस के लिए यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट काट रहा है।

 उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर गर्व है। उन्होंने कहा, ''वादे बहुत किए जाते हैं, लेकिन निभाए नहीं जाते। जब से देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार बनी है, तब से वातावरण में व्यापक बदलाव आया है।'' मौर्य ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने से लोग डरते थे, लेकिन अब सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आई है और राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार निरंतर बढ़ रहा है। इस अवसर पर मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राज्य मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी समारोह को संबोधित किया।


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Content Writer

Ramkesh

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