गौशाला के भीतर भूख प्यास से मरती गाय,अधिकारी बोले- गायों की मौते महज बीमारी

punjabkesari.in Wednesday, May 18, 2022 - 12:43 PM (IST)

औरैया: जिले की एक गौशाला की एक ऐसी विचलित करने वाली तस्वीरें सामने देखने को मिली है। जिसे यकीन कर पाना मुश्किल होगा। जहा शासन की तरफ से गौशालाओं के लिए लाखों का फंड दिया जा रहा है। इन गायों की स्थितियों को सुधारने के लिए तो वही गौशाला के भीतर हर दिन भूख प्यास से मरती गाय अधिकारियों के लिए इन गायों की मौते महज़ बीमारी से होती दिख रही है। क्योंकि अधिकारी अपना बचाव करते हुए मीडिया से यह बोलते नज़र आ रहे है। कि वह गाय बीमार थी। लेकिन सबाल है कि जब वह बीमार है तो उन का ईलाज क्यों नहीं कराया जा रहा। गौशाला के भीतर एक गाय म्रत पड़ी है। तो दो गाय अपनी मौत का इंतज़ार कर रही है।

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बता दें कि मामला औरैया जिले के अजीतमल ब्लॉक का है जहां एक गौशाला बनी हुई है। लेकिन इस गौशाला की हालत बद से बदतर हो चुकी है। गाय भूख प्यास से मर रही है।  ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बनी गौशाला के भीतर लिखित में पचासी गाए हैं लेकिन  पचासी नहीं बल्कि 65 गाय ही गौशाला के भीतर हैं जिनकी हालत खराब है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की तरफ से गौशालाओं को लेकर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे है बावजूद भी  गौशाला में गौ सेवा करने वाले लोगों को भी समय पर ना ही तनख्वाह मिल रही है ना ही गायों को सही से देखरेख की जा रही है।  

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इस पूरे मामले को लेकर जब अमावता गांव के ग्राम सचिव से बात की तो ग्राम सचिव ने बताया  गाय जो हैं वह बीमारी से मर रही है। जो बीमार है उनका इलाज भी कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भूसा गाड़ी खराब होने की वजह से नहीं आ पाया था लेकिन इसके बावजूद भी हमने किसी तरीके से भूसे की व्यवस्था की थी गाय भूख की वजह से नहीं बल्कि बीमारी की वजह से उनकी मौत हुई हैं।  हालांकि सवाल यह है कि ग्रामीण का कहना है कि हर दिन गायों की मौत हो रही है और अधिकारी का कहना है की बीमारी से गायों की मौत हुई है लेकिन इन सबके बीच गौशाला में हो रही गायों की मौत के जिम्मेदार कौन है प्रधान गौशालाओं से किसी भी प्रकार से मतलब नहीं रखना चाह रहा यही वजह है की गौशाला की देखरेख ना हो पाने की वजह से गौशाला की हालत बद से बदतर होती जा रही है।


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Content Writer

Ramkesh

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