UP में आसमानी आफत या राहत? 35 जिलों में बारिश और आंधी का Yellow Alert, जानें अगले 4 दिनों का पूरा अपडेट!
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 07:46 AM (IST)
UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में चिलचिलाती धूप के बीच अचानक मौसम ने करवट ले ली है। आसमान में उमड़ते काले बादलों ने गर्मी से राहत के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों संभागों में तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश का मिजाज बदला-बदला रहेगा, जिससे तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इन जिलों में बरसेंगे बदरा, 40km की रफ्तार से चलेगी आंधी
अमौसी स्थित आंचलिक मौसम केंद्र के अनुसार, आज यानी 27 मार्च को यूपी के बड़े हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।
बारिश की जद में आने वाले प्रमुख जिले:-
गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, और सोनभद्र समेत पूर्वांचल के जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बागपत में भी मौसम का कड़ा रुख देखने को मिलेगा।
लखनऊ-नोएडा में खिली रहेगी धूप या होगी बूंदाबांदी?
राजधानी लखनऊ में आज मौसम मिला-जुला रहने वाला है। हालांकि आसमान में छिटपुट बादल दिखेंगे, लेकिन दिन भर धूप खिली रहने की उम्मीद है। यहां अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम 17°C के आसपास रहेगा। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर से सटे नोएडा में काले बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है।
29 मार्च से फिर शुरू होगा सिलसिला
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, 28 मार्च को मौसम थोड़ा सामान्य रहेगा, लेकिन राहत की यह सांस छोटी होगी। अगले 24 घंटों के भीतर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है। इसके असर से 29 मार्च से प्रदेश में एक बार फिर बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो जाएगा।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
तापमान में अचानक आने वाली इस कमी और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने सतर्क रहने को कहा है। खुले आसमान के नीचे काम करने वाले लोगों और किसानों को सलाह दी गई है कि वे बादलों की गड़गड़ाहट के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।

