''रोज 12 हजार सिक्के, 70 करोड़ का घोटाला''... 20 रुपए का नकली सिक्का बनाने का तरीका देख पुलिस भी हैरान
punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 09:33 AM (IST)
Saharanpur News: जिले में नकली सिक्के बनाने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करने के बाद अब पुलिस ने उनके इस पूरे काले कारोबार के तौर-तरीकों से पर्दा उठाया है। कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने हाल ही में 13 सितंबर को इस मामले में 5 शातिर आरोपियों को दबोचा था। पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 20 रुपए के 6400 नकली सिक्के, 6 मशीनें और डाई समेत पूरा सेटअप जब्त किया था। पुलिस के अनुसार, यह गैंग सहारनपुर में अपना नया ठिकाना स्थापित करने की फिराक में था, लेकिन नेटवर्क एक्टिव होने से पहले ही पुलिस ने पूरे रैकेट को बेनकाब कर दिया।
एसएसपी अभिनंदन ने आरोपियों के काम करने के तरीके की जानकारी देते हुए बताया कि शातिर तस्कर सबसे पहले लोहे और जस्ता (जिंक) की प्लेटों की कटिंग करके सिक्के का ढांचा (बेस) तैयार करते थे। कटिंग के बाद सिक्के का अंदरूनी छोटा हिस्सा बनाया जाता था, जिस पर असली जैसा दिखाने के लिए पीतल का लेप (कोटिंग) चढ़ाया जाता था। इसके बाद मशीनों और विशेष डाई की मदद से सिक्के पर 20 रुपये का निशान और बाकी डिजाइन उकेरे जाते थे। पुलिस ने मौके से 5 लोहे की डाई, 39 बिना मोहर वाली डाई, 20 मोहर लगी डाई, पॉलिश मशीन और घिसाई के पत्थर बरामद किए हैं।
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जांच में सामने आया है कि यह गैंग रोजाना करीब 12 हजार नकली सिक्के ढालता था। इन सिक्कों को बड़ी चालाकी से शराब के ठेकों, हाईवे के टोल प्लाजा और स्थानीय छोटे दुकानदारों के जरिए बाजार में चला दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड पंजाब के मोहाली का रहने वाला उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है। वह साल 2001 से ही नकली करेंसी और सिक्कों के इस अवैध धंधे में लगा हुआ था।
कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दावा किया कि वे अब तक बाजार में 70 करोड़ रुपए से ज्यादा के नकली सिक्के खपा चुके हैं। हालांकि, पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह आंकड़ा फिलहाल 10 से 11 करोड़ रुपए के आसपास माना जा रहा है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि असली रकम का सही आंकड़ा पूरी जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस इस गैंग के बाकी साथियों और अन्य राज्यों से जुड़े तारों को खंगालने में जुटी है।

