69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार

punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2020 - 11:07 AM (IST)

लखनऊः 69000 शिक्षक भर्ती में पास कराने का ठेका लेने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में डॉ. कृष्ण लाल पटेल और उसके साथी का नाम सामने आया है। इस पूरे मामले में पुलिस 8 के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से 7.56 लाख रुपये, अभ्यर्थियों की मार्कशीट, सहायक अध्यापक संबंधित दस्तावेज, एक डायरी जिसमें अभ्यर्थियों के रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। 

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मुकदमा दर्ज होते ही एएसपी की टीम ने घेराबंदी करके डॉ. पटेल को हिरासत में ले लिया। पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि एक सीएचसी में तैनात डॉ पटेल के कई कॉलेज हैं। तब उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर उसकी सैलरी रोक दी गई थी। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा का खुलासा करने के लिए एएसपी अशोक वेंकटेश, एएसपी अनिल यादव और क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया गया। डॉ. पटेल की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसका एक साथी फरार है, जो व्यापम घोटाले में भी संदिग्ध था। इस फर्जीवाड़े में पकड़ा गया एक आरोपी आलोक खाद्य एवं रसद विभाग में तैनात है। पुलिस ने छापेमारी की तो आलोक के पास से कई प्रमाणपत्र और चेक मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।

पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए पांच से सात लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी का ठेका लिया था। इसके लिए कुछ लोगों को आंसर शीट मुहैया कराई गई थी। परीक्षा केंद्र में आंसर शीट ले जाने के लिए एक विशेष रुमाल प्रिंट कराए, जिसमें कोडिंग के थ्रू आंसर टिक किए थे। शुरुआत में अभ्यर्थियों ने एक-एक लाख रुपये एडवांस दिया था। बाकी पैसा परिणाम आने के बाद देना था। बताया जा रहा है कि सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम आने के बाद एजेंटों के माध्यम से अभ्यर्थियों से वसूली शुरू हो गई है। 

गौरतलब है कि डॉ केएल पटेल के खिलाफ अभ्यर्थियों ने शुरू में ही आरोप लगाया था कि इन्होंने अपने क्षेत्र के कुछ अभ्यर्थियों की सेटिंग करके ज्यादा अंक दिलाएं हैं। पीड़ित राहुल ने जब सोरांव थाने में गुरुवार को डॉ. पटेल समेत 8 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस की कार्रवाई में कई राज खुले। वहीं एक अभ्यर्थी ने बताया कि दिसंबर 2018 में टीईटी में कई ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्होंने 70 से 80 नंबर पाए थे। एक महीना बाद ही जनवरी 2019 में जब शिक्षक भर्ती की परीक्षा हुई तो उन्हीं अभ्यर्थियों को 140 या उससे अधिक मिले। ऐसे 34 ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है जिन्होंने 140 या उससे ज्यादा नंबर पाए हैं। सवाल उठना स्वाभाविक है कि टेट में इतना कम नंबर पाने वाला एक महीने में ऐसे कौन सी पढ़ाई कर ली कि वह टॉपर की सूची में शामिल हो गए।

आरोप लगाने वाले छात्रों की माने तो सोरांव, बहरिया और करछना केअभ्यर्थियों का नाम ही टॉपर लिस्ट में है। ऐसे में शुरू से ही शक था कि कोई न कोई फर्जीवाड़ा करके अभ्यर्थियों का अंक बढ़ाए गए हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि राहुल के मुकदमा दर्ज कराते ही आरोप सच लगने लगे हैं।


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Tamanna Bhardwaj

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