’50 हजार दो नहीं तो...' 20 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए दारोगा और सिपाही, पीड़ित को धमकी देकर मांगे थे रुपये
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 01:34 PM (IST)
Varanasi News: यूपी के वाराणसी में एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए एक सिपाही और दारोगा को रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने एक मामले में राहत दिलाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी और पीड़ित पक्ष को धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो गंभीर धाराएं बढ़ाकर जेल भेज दिया जाएगा। पीड़ित की शिकायत पर टीम ने योजना बनाकर आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
जानिए पूरा मामला
यह मामला चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले प्रह्लाद गुप्ता से जुड़ा है। प्रह्लाद और उनकी पत्नी ममता गुप्ता के बीच घरेलू विवाद चल रहा है। ममता ने अगस्त 2025 में पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी केस में चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा ने प्रह्लाद से पैसे मांगे थे। आरोप है कि पैसे न देने पर गंभीर धाराएं बढ़ाकर जेल भेजने की धमकी दी गई थी। इससे परेशान होकर प्रह्लाद गुप्ता ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शिकायत के बाद निरीक्षक सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की और वाराणसी कमिश्नरेट के काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी के प्रभारी शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
कैसे पकड़े गए दोनों आरोपी
बुधवार शाम एंटी करप्शन टीम शिकायतकर्ता प्रह्लाद गुप्ता के साथ काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी पहुंची। प्रह्लाद ने चौकी प्रभारी से मुलाकात की, जहां उनसे पैसे मांगे गए। जब प्रह्लाद ने 20 हजार रुपये देने की कोशिश की तो चौकी प्रभारी ने वहां मौजूद सिपाही गौरव द्विवेदी को पैसे लेने के लिए कहा। प्रह्लाद ने जैसे ही पैसे सिपाही को दिए, उसने उन्हें अपनी जैकेट की जेब में रख लिया। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सिपाही गौरव द्विवेदी और चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शिवाकर मिश्रा की पत्नी शिवानी ने कहा कि मेरे पति को फंसाया गया है, जबकि वह निर्दोष हैं, मेरे पति को एंटी करप्शन टीम जबरदस्ती एक मामले में फंसाकर उठा लिया गया है, जो सरासर गलत है। उन्होंने इस मामले में जांच की मांग की है।

