लखीमपुर खीरी हिंसा: SC ने यूपी सरकार पर फिर उठाए सवाल- 4000 की भीड़ में सिर्फ 23 चश्मदीद क्यों?

punjabkesari.in Tuesday, Oct 26, 2021 - 12:03 PM (IST)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को दहला देने वाली लखीमपुर खीरी की हिंसा मामले अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यूपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। CJI  ने यूपी सरकार से पूछा कितने गवाह के बयान 164 के तहत दर्ज कराए गए? यूपी सरकार की ओर से वकील हरीश साल्वे ने कहा कुल 34 गवाहों के बयान दर्ज किए गए है और कुछ अन्य लोगो के अभी बचे हुए है। CJI ने पूछा कि यह बड़ा सवाल है कि किसानों की रैली चल रही थी। आपको सिर्फ 23 चश्मदीद मिले? जिस पर हरीश साल्वे ने कहा 30 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं, इनमें से 23 चश्मदीद गवाह हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 नवंम्बर को होगी।

'23 चश्मदीद गवाहों में से कोई घायल भी हुआ है?'
जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि हजारो लोगों में से कई शायद सिर्फ देखने और कुछ लोगों ने चीजों को गंभीरता से देखा होगा और वो गवाही देने में सक्षम भी हो सकते हैं। साल्वे ने कहा कि गवाह और भी होंगे जो आरोपियों की पहचान कर सकते हैं? CJI ने यह भी पूछा कि क्या इन 23 चश्मदीद गवाहों में से कोई घायल भी हुआ है? साल्वे ने जवाब देते हुए कहा कि नहीं उनमें से कोई भी घायल नहीं है। दुर्भाग्यवश जिन लोगों को चोटें आई, बाद में उनकी मौत हो गई।

गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए: SC
CJI ने यूपी सरकार से कहा आप घटना की और अधिक जानकारी लें या फिर हम लैब के लिए निर्देश दे सकते हैं। साल्वे ने जवाब देते हुए कहा हम अदालत को अगली बार घटना से संबंधित और ब्योरा देंगे। CJI ने कहा कि गवाहों की सुरक्षा यह भी एक मुद्दा है..साल्वे ने कहा उनको सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। एक मृतक श्याम सुंदर कि पत्नी कि ओर से पेश वकील अरुण भारद्वाज ने कोर्ट से कहा कि मेरी मुवक्किल कि शिकायत पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि वह तीन आरोपियों को पहचानती है।CJI ने आदेश दिया कि पीड़िता रूबी देवी कि शिकायत पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा श्याम सुंदर और पत्रकार कि मौत पर राज्य सरकार को भी स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा।

'घटना की और जानकारी इकट्ठा करें'
सीजेआई के निर्देश पर साल्वे ने कहा हमे कॉपी दे दें। हम इसपर कार्यवाई के लिए पुलिस से कहेंगे।साल्वे ने कहा कि श्याम सुंदर इस मामले में आरोपी भी हैं और पीड़ित भी हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 नवंम्बर को होगी। तब तक यूपी सरकार गवाहों को सुरक्षा प्रदान करे, घटना की और जानकारी इकट्ठा करें। साथ ही मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए बयान को सील कवर में सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के साल्वे के आग्रह को भी स्वीकार कर लिया। 


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Content Writer

Umakant yadav

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