‘छोटे बच्चों को न दीन की समझ होती है न…’, कर्नाटक बुर्का विवाद पर मौलाना की दो टूक- यह मुस्लिम महिलाओं का मजहबी लिबास
punjabkesari.in Tuesday, Mar 25, 2025 - 04:46 PM (IST)

Bareilly News, (मो.जावेद): कर्नाटक में बुर्का विवाद पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत में दो तरह की विचार धारा रखने वाले लोग हैं। एक सूफी विचारधारा और दूसरी कट्टरपंथी विचारधारा। बुर्का हो या हिजाब ये मुस्लिम महिलाओं का मजहबी लिबास है।
चौथी कक्षा की बच्ची के बयान को लेकर विवाद
बरेलवी ने कहा कि बहुत पहले कर्नाटक से हिजाब का मुद्दा बना और अब फिर कर्नाटक से ही एक चौथी कक्षा की बच्ची के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पर मौलाना ने कहा कि छोटे बच्चों को न दीन की समझ होती है न दुनिया की, इसलिए इस तरह बयानों को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेने की जरुरत नहीं है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम ने अपने अनुयाईयों को एक दायरे में रहने के लिए कहा है। मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनती हैं, वो इस्लाम के बताए हुए रास्ते पर अमल करती है, मगर वो महिलाएं जो हिजाब नहीं पहनती हैं उनको मजहब में कोड़ों लगाने का हुक्म भी नहीं है।
छात्रा की ओर से पेश किए गए साइंस प्रोजेक्ट का वीडियो वायरल होने से विवाद
गौरतलब है कि पूरा मामला कर्नाटक के चामराजनगर जिले से जुड़ा है। यहां के एक प्राइवेट स्कूल में छात्रा की ओर से पेश किए गए साइंस प्रोजेक्ट का वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह दो डॉल को दिखाती है। एक डॉल बुर्का पहने हुए है जबकि दूसरी ने छोटी ड्रेस पहनी हुई है। बुर्का पहनी डॉल को फूलों से सजे ताबूत में रखा गया है। वहीं दूसरी को सांपों और बिच्छुओं से भरे ताबूत में रखा गया है। वीडियो में छात्रा कहती है, अगर आप बुर्का पहनते हैं तो मृत्यु के बाद शरीर को कुछ नहीं होता, लेकिन अगर आप छोटे कपड़े पहनते हैं तो आप नरक में जाएंगे और सांप और बिच्छू आपके शरीर को खा जाएंगे। इतना ही नहीं छात्रा ने इस्लामी धर्मग्रंथ का हवाला देते हुए कहा, “जो शख़्स अपनी पत्नी को बुर्का के बिना घर में घूमने देता है, वह दय्यूस (व्यभिचारी) है.” छात्रा की ओर से की गई इस टिप्पणी की चारों तरफ निंदा हो रही है।