भारत में फिर लौटा Corona से भी भयानक वायरस! इसका नहीं है इलाज और ना ही कोई वैक्सीन, जान बचाने के ये मात्र उपाय

punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 06:53 PM (IST)

UP Desk : निपाह वायरस ने फिर से देश में चेतावनी का माहौल पैदा कर दिया है। पुणे के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी (NIV) ने पुष्टि की है कि पश्चिम बंगाल से भेजे गए दो नमूनों में निपाह वायरस संक्रमण पाया गया। 13 जनवरी को राज्य में दो स्वास्थ्य कर्मियों में संक्रमण की जानकारी सामने आई थी, जबकि अब तीन अन्य लोग भी संक्रमित पाए गए हैं। इस तरह, राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 5 हो गई है।

संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों की हालत गंभीर
पहले संक्रमित पाए गए दो स्वास्थ्यकर्मी, जिनमें एक नर्स और एक डॉक्टर शामिल हैं, अभी भी आईसीयू में इलाजरत हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उनके संपर्क में आए करीब 120 लोगों की पहचान कर होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। सूत्रों के अनुसार संक्रमित नर्स को बर्दवान से बेलेघाटा आईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि डॉक्टर जो पहले होम आइसोलेशन में थे, उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी अस्पताल में रखा गया। दोनों मरीज फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

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संपर्क में आए लोगों की पहचान
स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमित नर्सों द्वारा देखी गई जगहों और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। इसमें परिवार के सदस्य, डॉक्टर, नर्स, एम्बुलेंस चालक और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। सभी को घर में आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है और अन्य संभावित संपर्कों का पता लगाने का काम जारी है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार तैयार, हेल्पलाइन नंबर भी जारी 
राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। अधिकारियों ने बेलेघाटा आईडी अस्पताल को आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रखने का आदेश दिया है। यहां 10 आपातकालीन बेड, 68 वॉर्ड बेड और पर्याप्त वेंटिलेटर सपोर्ट उपलब्ध हैं।

निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलता है। इसके मुख्य स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ माने जाते हैं। संक्रमित जानवरों या उनके संपर्क में आई वस्तुएं इंसानों तक संक्रमण पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा, संक्रमित व्यक्ति से व्यक्ति में भी यह फैल सकता है।

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दवा और वैक्सीन
फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। कोई एंटीवायरल दवा इसे पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकती। इलाज केवल सपोर्टिव ट्रीटमेंट तक सीमित है, जैसे बुखार और दर्द को नियंत्रित करना, सांस लेने में कठिनाई होने पर वेंटिलेटर सपोर्ट और दिमाग में सूजन होने पर ICU में इलाज।

लक्षण क्या हैं?
निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण फ्लू जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं, लेकिन संक्रमण तेजी से गंभीर हो सकता है:
*तेज बुखार
*सिरदर्द
*उल्टी और चक्कर
*सांस लेने में परेशानी
*दिमाग में सूजन (एन्सेफेलाइटिस)
*बेहोशी या कोमा
कुछ मामलों में यह 24-48 घंटे में जानलेवा भी साबित हो सकता है।

सावधानी ही सबसे बड़ी दवा
*
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें।
*बिना धोए फल और सब्ज़ियां न खाएं।
*चमगादड़ों द्वारा छोड़े गए फल न खाएं।
*हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
*संक्रमण के संदिग्ध मामलों में आइसोलेशन का पालन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि निपाह वायरस के लिए कोई इलाज या वैक्सीन नहीं है, इसलिए समय पर पहचान, आइसोलेशन और सतर्कता ही जान बचाने का सबसे कारगर उपाय है।


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Content Editor

Purnima Singh

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