अखंड भारत का विभाजन 20वीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदी, बोले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही

punjabkesari.in Sunday, Aug 14, 2022 - 11:11 PM (IST)

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को अखंड भारत का विभाजन 20वीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदी के तौर पर याद रखा जायेगा जिसने एक ही रात में लाखों लोगों को अपने ही देश में बेगाना कर दिया।       

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर पडरौना नगर मण्डल में मौन जुलूस के समापन पर उन्होंने कहा कि 14 अगस्त 1947 को बंटवारे की लकीर खिंचते ही रातों रात लाखों लोग अपने ही देश में बेगाने हो गए और मजहब के आधार पर लाखों लोग न चाहते हुए भी जाने को मजबूर हुए। इस अदला-बदली में लाखों लोगों का कत्लेआम, सदी की सबसे बड़ी त्रासदी में बदल गया।

शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहल पर शुरू हुई विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की परम्परा हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सछ्वाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी। भारत और पाकिस्तान के जिन लोगों ने बंटवारे का दर्द सहा है वो आज तक इसे नहीं भूल पाए हैं। सिर्फ एक फैसले की वजह से लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा, अपनी जमीन जायदाद छोड़कर चले जाना पड़ा, लाखों लोग मकान-दुकान और संपत्ति से रातोंरात बेदखल होकर सड़क पर आ गए। भारत पाकिस्तान बंटवारे की त्रासदी सदियों तक याद रखी जाएगी। यह बीसवीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक रही।       

जिलाध्यक्ष प्रेमचन्द मिश्र ने कहा कि 14 अगस्त 1947 को देश ने बंटवारें का दर्द झेला था। पाकिस्तान जहां इसे अपनी आजादी के दिन के रूप में मनाता हैं वहीं, देश में अभी भी हजारों लोग हैं जिनके दिलों में बंटवारे का जख्म और दर्द आज भी ताजा है। लाखों लोग अपना घर, परिवार और रिश्तेदार को छोड़कर भारत से पाकिस्तान और वहां से यहां आए।


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Mamta Yadav

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