निजी अस्पतालों में ट्रूनेट मशीन के इस्तेमाल के लिए ICMR से ली जाए अनुमति: CM

7/1/2020 6:16:22 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी निजी अस्पतालों में भी ट्रूनेट मशीन के इस्तेमाल की आईसीएमआर से अनुमति लेने के निर्देश बुधवार को दिए। गृह एवं सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने टीम-11 की बैठक में ट्रूनेट मशीन के समीक्षा की। उन्होंने निजी अस्पतालों में ट्रूनेट मशीन के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए आईसीएमआर से अनुरोध करते हुए अनुमति लेने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ट्रूनेट मशीनों के जरिए तत्काल जांच हो जाएगी तो बहुत से निजी अस्पतालों में ‘नॉन-कोविड’ मरीजों के इलाज में बहुत आसानी हो सकेगी और मरीजों तथा चिकित्सकों को भी सुरक्षा दी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि योगी ने गाजियाबाद में एक बड़ी प्रयोगशाला स्थापित करने का निर्देश दिया है। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री से इस बारे में अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। योगी ने चिकित्सा विभाग को आदेश दिया कि गाजियाबाद में भी कोविड-19 की एक बड़ी लैब स्थापित की जाए, जिससे गाजियाबाद के मरीजों की जांच उनके जिले में ही हो जाए और उन्हें इंतजार न करना पड़े।

अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा, जेल विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग तथा निजी अस्पतालों में बनी हेल्प डेस्क की समीक्षा की। उन्होंने सूचना विभाग को इसके वृहद प्रचार की निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 6500 से ज्यादा कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की गयी हैं। मुख्यमंत्री ने 10,000 हेल्प डेस्क स्थापित करने का लक्ष्य दिया है। इसी कड़ी में आज सभी जिलों के विभिन्न विभागों को निर्देश दिए गए हैं और जिलाधिकारियों को बताया गया है कि वह अपने-अपने जिलों में सभी जगह यह हेल्प डेस्क स्थापित करें ताकि इस महामारी से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार हो सके।

योगी ने कहा कि हर जिले में कोविड-19 हेल्प डेस्क स्थापित हो रही है। कलेक्ट्रेट, तहसील, ब्लाक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, थाने, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, निजी नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कारागार और राजस्व विभाग के दफ्तर, मुख्य विकास अधिकारी के सभी कार्यालयों में, उद्योग केंद्रों, औद्योगिक इकाइयों और मंडियों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित हो रही है। इसकी समीक्षा कल तक की जाएगी।

अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो लोग भी मास्क के बगैर दिखें, उनका चालान जरूर किया जाए। खासकर बड़े शहरों लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद, गौतम बुध नगर, आगरा, बरेली और मेरठ इत्यादि में व्यापक रूप से अभियान चलाकर मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही रात्रिकालीन कर्फ्यू को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बृहस्पतिवार से 15 जुलाई तक घर-घर जाकर कोविड-19 मेडिकल स्क्रीनिंग के अभियान के सिलसिले में कल मेरठ मंडल के हर जनपद के जिला अधिकारी तथा पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए हर तरह का उपकरण इंफ्रारेड थर्मोमीटर, पल्स ऑक्सीमीटर तथा मास्क एवं सैनिटाइजर आदि देने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा स्क्रीनिंग में स्वास्थ्य विभाग की टीम भी साथ जाएगी और अगर वह किसी संदिग्ध व्यक्ति को रेफर करना चाहेगी तो उसका पूरा विवरण भरेगी।

अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर जिले में यह जो विवरण आएगा उसकी पूरी समीक्षा जिलेवार ही की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह स्क्रीनिंग के बाद परिणामों पर भी नजर रखें ताकि हर हालत में लोगों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके। पूरे प्रदेश में अगर स्क्रीनिंग और सर्विलांस का काम जल्दी होगा, हम मरीज तक जल्दी पहुंच पाएंगे और उसे जल्द इलाज दे पाएंगे तो मौत के आंकड़ों पर पूरी तरह से नियंत्रण किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने रैपिड एंटीजन टेस्ट को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इस टेस्ट में डेढ़ से दो प्रतिशत सफलता मिल रही है। गाजियाबाद, नोएडा समेत पूरे मेरठ मंडल के लिए 50000 अतिरिक्त रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था की गई है।


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Umakant yadav

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