PM मोदी द्वारा नए संसद भवन के शिलान्यास का कोई औचित्य नहीं: रेवती रमण

punjabkesari.in Wednesday, Dec 16, 2020 - 12:06 PM (IST)

प्रयागराज: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने कहा कि जब देश वैश्विक महामारी कोरोना, आर्थिक मंदी और किसान आंदोलन जैसे ज्वलंत मुद्दों से जूझ रहा है, ऐसे में नये संसद भवन के शिलान्यास का कोई औचित्य नहीं है। सिंह ने अपने बयान में कहा कि देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में हजार करोड़ रूपये की लागत वाले नये संसद भवन की क्या जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को आगे बढा़ने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब देश के लाखों प्रवासी मजदूर छोटे छोटे बच्चों के साथ सैकड़ों किलोमीटर पैदल, भूखे-प्यासे सड़क पर चल रहे थे तब मोदी सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं किया। जिस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति विमान में यात्रा करते हैं, उसी प्रकार अपने यात्रा के लिए मोदी ने 8458 करोड़ रुपए से दो नये बोईंग विमान खरीदें।       

सपा नेता ने कहा कि गरीब देश के प्रधानमंत्री को सम्पन्न देश के राष्ट्रपति की बराबरी नहीं करनी चाहिए। यह भारत के गरीब मजदूर की अहवेलना हैं कि खुद के लिए स्पेशल जहाज और गरीब के लिए पैदल सड़कों पर घिसने के लिए छोड़ दिया। जब देश की आर्थिक स्थिति अच्छी हो जाती तो ऐसे प्रोजेक्ट को आगे बढा़ना चाहिए था।       

उन्होंने सासंद ने शीतकालीन सत्र नहीं होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय संसदीय मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष को लिखे पत्र के अनुसार सरकार कोरोना संकट के कारण शीतकालीन सत्र नहीं करने जा रही है, सही नहीं है। नई कृषि नीति के खिलाफ धरना दे रहे किसानों की आवाज संसद मे ना गूंजें और सरकार की खिचाई से बचने का तरीका है। उन्होंने कहा कि चुनाव हो सकते हैं, जनसभा हो सकती हैं, माघमेला हो सकता है, तो कोरोना संकट के बहाने शीतकालीन सत्र को ही स्थगित करना गलत है। यह लोकतंत्र के लिए गलत संदेश है कि तानाशाही मे आप निर्णय ले लो और जब उसका विरोध हो तो संसद में जबाब देने से बचने के लिए सदन को ही ना चलायें।       

सपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान संसद भवन की तरह ही नये संसद भवन मे भी सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य और अशोक की लाट का निर्माण होना चाहिये। अगर उससें मोदी सरकार खिलवाड़ करेगी तो उसके गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे क्योंकि जब से भाजपा की सरकार बनी है तो इतिहास से खिलवाड़ हो रहा है और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का एजेंडा लागू हो रहा है, ऐसे में ऐसी सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता।


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Umakant yadav

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