कोरोना टीका और ऑक्सीजन आयात करे केंद्र सरकार : मायावती

4/19/2021 10:08:29 PM

लखनऊ, 19 अप्रैल (भाषा) बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को देश के विभिन्‍न राज्‍यों में कोरोना टीका और अस्पतालों में उपचार के लिए ऑक्सीजन की जबरदस्त कमी पर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार सरकार से इसका आयात करने का अनुरोध किया। साथ ही जनता को कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की सलाह दी है।

इससे पहले, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बदले हालात में लोगों को संभल कर जीने की सलाह दी है।

बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ''''देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना टीके व अस्पतालों में इलाज हेतु ऑक्सीजन की जबरदस्त कमी को देखते हुए केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान दे और यदि इसके लिए आयात करने की जरूरत पड़ती है तो आयात भी किया जाए।''''
अपने सिलसिलेवार ट्वीट में मायावती ने लिखा, '''' साथ ही, देश की जनता से भी पुनः अपील है कि राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी से बचाव के उपाय के तहत जो भी सख्ती तथा सरकारी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं उसका सही से अनुपालन करें ताकि कोरोना प्रकोप की रोकथाम हो सके अर्थात लोग भी अपनी जिम्मेदारी को निभाएं।''''
पूर्व मुख्यमंत्री ने अगले ट्वीट में कहा, ''''इसके अलावा, कोरोना वायरस अब युवाओं को भी अपनी चपेट में लेने लगा है, जो काफी चिंता का विषय बनता जा रहा है, अतः कोरोना वैक्सीन के सम्बंध में उम्र की सीमा के सम्बंध में भी केन्द्र सरकार को अब जरूर यथाशीघ्र पुनर्विचार करना चाहिए, बीएसपी की यह मांग।''''
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को अपने ट्वीट में एक गजल पोस्‍ट की जिसमें कहा गया है, '''' हालात देख सबको बदला जाना चाहिए, जीना है तो थोड़ा संभल जाना चाहिए। हम जिंदगी और मौत के दरम्यान खड़े हैं, कोशिश करें कि वक्त ये टल जाना चाहिए। किसकी खता है कितनी, ये तय बाद में करें, पहले सुरंग से तो निकल जाना चाहिए।''''
बाद में अखिलेश ने एक बयान में कहा कि अगर भाजपा से प्रदेश के हालात नहीं संभाल रहे हैं तो उसे गद्दी छोड़ देनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "प्रदेश में भाजपा सरकार ने ऐसा विकास किया है और प्रदेश को खुशहाल बनाया है कि श्मशान में जगह नहीं है और अस्पताल में बेड नहीं। भाजपाई हालात संभाल नहीं पा रहे हैं तो कुर्सी छोड़ें ताकि जनता की जिंदगी से और खिलवाड़ बंद हो।"
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने प्रशासन पर नियंत्रण पूरी तरह खो दिया है। वैज्ञानिकों और वरिष्ठ डाक्टरों की तमाम चेतावनियों को अनसुना कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टार प्रचारक बनकर दूसरे प्रदेशों के दौरे पर निकल गए और उनकी टीम-11 विश्राम में चली गई। नतीजा प्रदेश में कोरोना संक्रमण में न तो तेजी रूक रही है और न ही इलाज के अभाव में मरने वालों की संख्या की वृद्धि रूक पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हर तरफ चीख-पुकार है पर भाजपा सरकार है कि वह आज भी बैठकों से खानापूर्ति कर रही है उसे लोगों की जान और तकलीफों की फिक्र नहीं। ऐसी संवेदनशून्य सरकार इतिहास में कभी नहीं आई।

सपा नेताा ने आरोप लगाया, "सरकार द्वारा कागजों पर घोषित पृथक-वास केंद्रों का हकीकत में वजूद ही नहीं है। कानपुर में बने एक पृथक-वास केंद्र में शादी हो रही है, तो दूसरे में कुत्ते आराम फरमा रहे हैं। आगरा में आक्सीजन की कमी से 65 एम्बुलेंस नहीं चलीं।''''

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PTI News Agency

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