पिछली सरकारों ने स्वतंत्रता सेनानियों की भावनाओं के अनुरूप भारत को आगे नहीं बढ़ाया : आदित्यनाथ

punjabkesari.in Thursday, May 19, 2022 - 06:04 PM (IST)

लखनऊ, 19 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि आजादी के बाद की पूर्ववर्ती सरकारों ने स्वतंत्रता आंदोलन में प्राण न्यौछावर करने वाले सेनानियों की भावनाओं के अनुरूप भारत को आगे बढ़ाने का काम नहीं किया।
उन्होंने साथ ही दावा किया कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में यह देश उन भावनाओं के मुताबिक नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने विद्या भारती द्वारा आयोजित आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सवाल किया, "कहने के लिए तो 1947 में देश स्वतंत्र जरूर हुआ था लेकिन आजादी के जिन संकल्पों को लेकर देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने बलिदान किया था, क्या स्वतंत्र भारत ने तत्कालीन रूप से उन बलिदानियों की भावनाओं के अनुरूप भारत को आगे बढ़ाने का काम किया था?"
उन्होंने कहा, "क्या यह सच नहीं है कि आजादी के तत्काल बाद तुष्टिकरण की राजनीति ने इस देश को फिर से न सिर्फ सांप्रदायिक विभाजन की तरफ अग्रसर किया था बल्कि जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद, उग्रवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद की चपेट में हम देश को लगातार धकेलते गए। इससे एक ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी जब देश की सत्ता के खिलाफ आम जनमानस का आक्रोश सड़कों पर बोलता हुआ दिखाई दे रहा था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन हर एक आविष्कार उस समय की आवश्यकता के अनुरूप ही जन्म ले लेता है और मुझे लगता है कि इस देश ने प्रधानमंत्री मोदी के यशस्वी नेतृत्व को उसी एक रूप में लेकर देखा है।"
आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी 30 मई को मोदी सरकार के आठ वर्ष पूरे होंगे। कैसे 70 वर्षों तक यह देश कहां रेंगता रहा और इन आठ वर्षों में किन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता हुआ दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा, "इस देश के अंदर सांप्रदायिक विभाजन की जड़ें कहां पर हैं, इन पर प्रहार होना चाहिए, यह आजादी के बाद पहली बार देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उन कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है। कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त किया गया। वहीं, अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य भी आज यह देश सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।"
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा, "जो लोग कहते थे कि यह कार्य करेंगे तो दंगा हो जाएगा, सांप्रदायिक विभाजन हो जाएगा, लेकिन हम अभिनंदन करेंगे उन सभी पक्षों का, जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे को सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकात्मता के रूप में लिया। सभी पक्षों ने न्यायालय के फैसले का सम्मान किया, क्योंकि वह सच था।"
उन्होंने कहा कि उस सच्चाई को सभी पक्षों ने जाति, मत और मजहब से ऊपर उठकर एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने के इस अभियान के रूप में लिया है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

आदित्यनाथ ने कहा कि देश की आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए भारत के सैनिकों का शौर्य और पराक्रम पूरी दुनिया स्वीकार करती है। सम और विषम परिस्थितियों में देश के लिए और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ काम करने का उनका जज्बा न सिर्फ वर्तमान बल्कि भावी पीढ़ी को भी एक नई दिशा देता है।


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PTI News Agency

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