वाराणसी में भुखमरी की कगार पर खिलौनों के कारीगर, राहुल गांधी बोले-छोटे कारोबारियों के लिए छलावा साबित हो रही ''मेक इन इंडिया''

9/22/2020 3:28:33 PM

वाराणसी: कोरोना महामारी के चलते देशभर में जारी लॉकडाउन की वजह से सभी काम-धंधे बंद हो जाने से गरीब और मजदूर वर्गों पर रोजी रोटी का संकट मंडराने लगा है। इतना ही नहीं इस महामारी ने देश की गरीब जनता को भुखमरी की कगार पर भी लाकर खड़ा कर दिया है। नया मामला प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है। यहां लकड़ी के खिलौनों का कारोबार करने वाले कारीगरों की हालत बेहद खराब है। हालत ये है कि कांम धंधा बंद होने की वजह से 2 टाइम का खाना भी नहीं नसीब हो रहा है। कारीगर उधारी लेकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं।  

इस मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘वाराणसी के पारंपरिक लकड़ी के खिलौना उद्योग को कोरोना महामारी ने तबाह कर दिया है। नोटबंदी और जीएसटी की दोहरी मार झेल चुके देशभर के ऐसे लाखों हुनरमंद कारीगरों को अब अपना पुश्तैनी काम छूटने का डर सता रहा है। पर्याप्त सहायता के अभाव में छोटे कारोबारियों के लिए 'मेक इन इंडिया' छलावा ही साबित होगी।’ 

भुखमरी की कगार पर पहुंचे मांझियों की मदद कर चुके हैं सोनू सूद 
बता दें कि बीते दिनों वाराणसी के 84 घाटों पर कश्ती चलाकर जीवन यापन करने वाले 350 परिवार के भी भुखमरी की खबर सामने आई थी। तब इनलोगों ने मदद के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद से गुहार लगाई है। गरीबों के  मसीहा कहे जाने वाले सोनू सूद ने भी पीड़ित परिवारों को निराश नहीं किया और ट्वीट के केवल 40 मिनट बाद ही मदद का भरोसा दिलाया। फिर अगले ही दिन सभी पीड़ित परिवार के लिए सोनू सूद ने राशन पहुंचाया था।  
 


Ajay kumar

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