झांसी मोर्चरी में हड़कंप: महिला के शव की आंख और कान कुतरे मिलने से फैली सनसनी, परिजन और अस्पताल आमने-सामने!
punjabkesari.in Sunday, Nov 30, 2025 - 10:39 AM (IST)
Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी से एक चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है। जहां महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखे गए महिला के शव की आंख, कान और शरीर के कुछ हिस्सों पर कुतरे हुए निशान पाए गए। यह घटना शव रखे जाने के बाद परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच विवाद का कारण बनी।
मामला क्या है?
मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना गुरसराय थाना क्षेत्र की है। जहां 27 वर्षीय क्रांति पटेल ने मानसिक तनाव में आकर जहर खा लिया। परिजन तुरंत उन्हें महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज लेकर आए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी के फ्रीजर में रखा। जब शव पोस्टमार्टम के लिए निकाला गया, तो परिजन ने देखा कि महिला की आंख, कान और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान थे। इससे परिजनों में हड़कंप मच गया और उन्होंने मोर्चरी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
परिजनों का आरोप
क्रांति की बहन सक्षम पटेल ने कहा कि फ्रीजर में शव रखवाने के लिए उनसे 400 रुपए लिए गए, लेकिन जब वे वापस आए तो शरीर पर कई जख्म पाए। उनका कहना है कि यह काम चूहों ने किया। सक्षम ने कहा कि हमारी दीदी ने जहर खा लिया था। बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर में रखा गया था। जब वापस आए तो आंख, कान और हाथ पर कुतरे के निशान थे। हमें समझ नहीं आया कि ऐसा कैसे हो सकता है।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस सचिन माहौर ने बताया कि फ्रीजर में किसी भी चूहे या बड़े जानवर के घुसने की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि छोटे कीड़े या कॉकरोच ने यह नुकसान किया हो। फ्रीजर पूरी तरह से बंद है, इसलिए बड़े जानवर के अंदर जाने की संभावना नहीं है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
मोर्चरी सुरक्षा और जांच
इस घटना ने मोर्चरी की सुरक्षा व्यवस्था, फ्रीजर सिस्टम की कार्यक्षमता और अस्पताल के रखरखाव पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन का कहना है कि यदि शव सुरक्षित था, तो इस तरह के जख्म कैसे आए। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है।

