कोडीन सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल ने जारी किया वीडियो, खुद को बताया बेगुनाह! क्या सच में वह मास्टरमाइंड है या फंसाया गया?

punjabkesari.in Friday, Dec 05, 2025 - 11:34 AM (IST)

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी का शुभम जायसवाल, जो कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है, ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए खुद को बेगुनाह बताया है। एजेंसियां उसे अब भी तलाश रही हैं, लेकिन इसी बीच उसने सोशल मीडिया पर 13 मिनट का वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है।

शुभम जायसवाल का दावा
वीडियो में शुभम ने कहा कि सोशल मीडिया, न्यूज चैनल और नेताओं द्वारा उसके बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन पर आरोप लगाया जा रहा है कि उसने जहरीले सिरप बेचे और नकली दवाओं का व्यापार किया, जिससे बच्चों की मौत हुई। शुभम ने इसे पूरी तरह झूठ बताया और कहा कि उसकी सप्लाई की गई Phensydil Cough Syrup ना तो जहरीली है और ना ही यह नारकोटिक्स की श्रेणी में आती है। यह सामान्य दवा है, जो खांसी में उपयोग होती है।

मध्य प्रदेश की घटना से किया इनकार
शुभम ने मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत के मामले को उसकी सप्लाई से जोड़ना गलत बताया। उन्होंने कहा कि वहां जो सिरप मिला वह उनकी कंपनी से नहीं था। उनका कहना है कि उन्होंने Abott कंपनी की दवा ही सप्लाई की थी और इसके उत्पादन के लिए कोडीन फॉस्फेट का कोटा भारत सरकार निर्धारित करती है।

राजनीति ना करने की अपील
वीडियो के अंत में शुभम ने सपा नेता अखिलेश यादव और अन्य नेताओं से अपील की कि वे इस मामले में राजनीति ना करें और जनता को भ्रमित ना करें। उन्होंने कहा कि दवा के स्टॉक और बिक्री को लेकर कोई नियम नहीं तोड़े गए और उनका व्यापार पूरी तरह ड्रग एक्ट के अनुसार हुआ।

मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
शुभम ने कहा कि गाजियाबाद और सोनभद्र में पकड़ा गया माल उनकी फर्म 'शैली ट्रेडर्स' का नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग डिपार्टमेंट के अफसरों ने पैसे की डिमांड पूरी ना करने पर उन्हें फंसाने की कोशिश की। साथ ही राजा ज्योति आनंद सिंह की मौत को अत्यधिक शराब पीने से हुई बताकर परिवार वालों के पैसे के दबाव का जिक्र किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई और कहा कि डर की वजह से अभी तक सामने नहीं आ पाए।


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Content Editor

Anil Kapoor

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