मथुरा में इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्र, बोले- स्टाइपेन्ड इतना कम है कि पढ़ाई करना भी मुश्किल

punjabkesari.in Friday, Apr 08, 2022 - 09:40 PM (IST)

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित दीनदयाल वेटरनरी यूनिवर्सिटी के पशु चिकित्सा विज्ञान (बीवीएससी एवं एएच) के छात्र अपने मासिक स्टाइपेन्ड बढ़ाने की मांग को लेकर मौन धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि महंगाई में यह स्टाइपेन्ड इतना कम है कि उन्हें अपनी पढ़ाई करना भी मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि स्टाइपेन्ड देने में उनके साथ सौतेला व्यवहार भी किया जा रहा है। जहां एमबीबीएस के छात्रों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेन्ड दिया जा रहा है, वहीं प्रदेश सरकार उन्हें मात्र एक हजार रुपये तथा तीन हजार रुपये आईसीएआर की तरफ से दिया जा रहा है।       

कार्रवाई के डर से किसी भी छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एमबीबीएस की शिक्षा में 19 विषय साढ़े पांच साल तक पढ़ाए जाते हैं। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के तो बीवीएससी एवं एएच के छात्रों को प्रतिमाह यह स्टाइपेन्ड 23,500 रुपये मिलता है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल से उनका स्टाइपेन्ड बढ़ाया नही गया है जब कि लगातार इसकी मांग चल रही है। दूसरे राज्यों के तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कर्नाटक में यह स्टाइपेन्ड 20 हजार रुपये है, वहीं केरल और हरियाणा में 17 हजार रुपये है। राजस्थान में 14 हजार रुपये स्टाइपेन्ड के साथ यात्रा भत्ता एवं मंहगाई भत्ता भी दिया जाता है।       

शोर शराबा करने की जगह यह छात्र दो अप्रैल को धरने पर बैठे थे किंतु यूनिवर्सिटी प्रशासन के कहने के बाद वे दो दिन तक शांत रहे तथा पांच अप्रैल से अभी तक रोज धरने पर बैठ रहे हैं। छात्रों ने तख्तियों में लिखे नारों से अपनी मांगों की अभिव्यक्ति की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जी के सिंह ने इस मामले में कहा कि यूनिवर्सिटी की ओर से शासन को छ़ात्रों की इस समस्या से पहले ही अवगत कराया जा चुका है। छात्रों को यह बात समझाने की कोशिश भी की गई है। अब वर्तमान स्थिति से भी शासन को अवगत करा दिया गया है।


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Content Writer

Mamta Yadav

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