सबको सुरक्षा का एहसास ही रामराज्य की अवधारणा: सीएम योगी
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 08:51 AM (IST)
गोरखपुर: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है, सबके मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव है और यही एहसास और विश्वास राम राज्य की अवधारणा है। सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश में आज कोई तनाव नहीं है। कोई भय नहीं, कोई अराजकता नहीं और न ही कोई गुंडागर्दी। सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है और यही एहसास और विश्वास राम राज्य की अवधारणा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति रहेगी तो भारत को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी।
'हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है'
होलिकादहन के दिन भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा का शुभारंभ करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा 'आज पूरी दुनिया के अंदर, उपद्रव, अराजकता और अव्यवस्था है पर हम भारतवासी गर्व कर सकते हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का यशस्वी नेतृत्व देश को नई बुलंदी देते हुए नए भारत का दर्शन करा रहा है। नया भारत हरेक व्यक्ति और हरेक तबके को अवसर देकर उत्सवी वातावरण देता है।' योगी ने कहा कि हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है पर 2014 के पहले लोग बेहतर तरीके से उत्सव नहीं मना पाते थे। यूपी में तो पर्व, त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था। समाज में भय और तनाव रहता था। तबकी सरकारें समाज को बांटती थीं और इसका परिणाम व्यापारी और नागरिक चुकाते थे तब गुंडागर्दी, अराजकता चरम पर थी।न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी।
'न कर्फ्यू है और न दंगा है यूपी में अब सब चंगा है'
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधा देकर उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यूपी में न कर्फ्यू है और न दंगा है यूपी में अब सब चंगा है। सब ओर उत्सव का माहौल है। पिछले पंद्रह दिनों से मथुरा.वृंदावन में होली का कार्यक्रम चल रहा है। सबकुछ स्वत: स्फूर्त देखकर विदेशियों की आंखे फटी रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग हमपर आरोप लगाते थे कि हम बंटे हुए हैं, वे बताएं कहां बंटे दिख रहे हैं। उत्सव के बड़ी संख्या में लोग आए हैं। किसी की जाति का पता नहीं है लेकिन सभी लोग होली का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अव्यवस्था से व्यवस्था, अराजकता से अनुशासन, अधर्म से धर्म, असत्य से सत्य की जब यात्रा होती है तभी हम उपद्रव से उबरकर उत्सव की यात्रा का हिस्सा बनते हैं। यही उत्सव आज गोरखपुर के विरासत गलियारा में देखने को मिल रहा है।

