''सायरन बजते ही रोटी छोड़ बंकर की ओर भागते हैं...'', इजरायल के वॉर जोन से UP के शिवा ने भेजे आपबीती के वीडियो
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 11:02 AM (IST)
UP News: इजरायल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध की लपटें अब उत्तर प्रदेश के घरों तक पहुंचने लगी हैं।सिद्धार्थनगर जिले के एक छोटे से गांव का युवक शिवा सिंह इस समय युद्ध के मैदान यानी इजरायल में फंसा हुआ है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच फंसे शिवा ने वहां के खौफनाक मंजर के दो वीडियो अपने परिवार को भेजे हैं, जिन्हें देखकर हर किसी का दिल दहल गया है।
पंचायत सहायक से इजरायल में सुपरवाइजर तक का सफर
शिवा सिंह की कहानी संघर्ष और सपनों की कहानी है। बीएससी (BSc) की पढ़ाई पूरी करने के बाद शिवा ने अपने ही गांव में पंचायत सहायक के तौर पर नौकरी शुरू की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए वह 26 सितंबर 2024 को इज़रायल चला गया, जहाँ वह वर्तमान में एक शटरिंग सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है।
घर में मातम और चिंता का माहौल
शिवा के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका है। साल 2024 में लंबी बीमारी के कारण उनके पिता संत बहादुर सिंह का निधन हो गया था। घर में अब बूढ़ी मां नीलू सिंह और छोटा भाई ऋतिक सिंह रहते हैं। जब से इज़रायल में युद्ध शुरू हुआ है, तब से मां की आँखों के आंसू नहीं सूख रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट- बंकर में सिमटी जिंदगी
शिवा ने वीडियो के जरिए बताया कि वहां हालात बहुत तनावपूर्ण हैं। जैसे ही मिसाइल हमले का सायरन बजता है, सब कुछ छोड़कर बंकर की ओर भागना पड़ता है। शिवा के मुताबिक, बीते दिनों एक ही दिन में लगभग 300 मिसाइलें दागी गईं। शिवा ने बताया कि हालांकि वह इज़रायल के आयरन डोम डिफेंस सिस्टम से संतुष्ट हैं, लेकिन आसमान से बरसती मिसाइलों का खौफ कम नहीं होता।
सरकार से गुहार- 'मेरे भाई को सुरक्षित वापस लाओ'
शिवा के छोटे भाई ऋतिक ने बताया कि वे हर आधे घंटे में फोन पर बात कर भाई का हालचाल ले रहे हैं। ऋतिक और उनकी मां ने भारत सरकार से भावुक अपील की है कि हम चाहते हैं कि भारत सरकार इज़रायल में फंसे हमारे भाइयों की हर संभव मदद करे। अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो जो भारतीय वापस आना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के इंतजाम किए जाएं।

