चंद्रशेखर उर्फ रावण को झटका, भीम आर्मी के कई समर्थक बसपा में हुए शामिल

punjabkesari.in Tuesday, Nov 09, 2021 - 08:55 PM (IST)

नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले भीम आर्मी को मंगलवार को बड़ा झटका तब लगा, जब भीम आर्मी के कई समर्थकों ने मायावती से मिलकर बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण के लिए यह बड़ा झटका है। हालांकि, इनमें कोई बड़े कद का नेता नहीं है फिर भी समर्थकों का बसपा में शामिल होना भीम आर्मी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

बसपा महासचिव सतीश मिश्रा ने कू पर कहा कि आज आदरणीय बहन सुश्री मायावती जी से भेंटकर भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। निश्चित ही आप सबके सहयोग व समर्थन से बहुजन मूवमेंट को और अधिक बल मिलेगा। आप सभी का बसपा परिवार में हार्दिक स्वागत है।


इससे पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के बाद पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने और पांचवीं बार राज्य की मुख्यमंत्री बनने का दावा करते हुये राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल सपा के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया। मायावती ने साथ ही यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और सपा, दोनों दलों की राजनीति हमेशा एक दूसरे की पूरक रही है।

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के आगामी विधानसभा चुनाव चुनाव लड़ने की बात पर जब उनसे सवाल किया गया कि क्या वह चुनाव लडेंगी? इस पर मायावती ने यह कहकर सवाल टाल दिया, ‘‘योगी जी क्या कर रहे हैं? और अखिलेश क्या कर रहे हैं? मेरी तुलना आप उनसे कर रहे हैं?'' उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और सर्वसमाज की दिली इच्छा है कि वह पांचवीं बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनें। इस सवाल पर कि आगामी चुनाव में सपा या भाजपा में से वह किससे अपना मुकाबला मान रही हैं, उन्होंने कहा, ‘‘सपा और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि इस बार बहुजन समाज पार्टी को 2007 की तरह पूर्ण बहुमत से सत्ता मिलेंगी।''

मायावती ने इशारा किया कि इस बार बसपा युवाओं को ज्यादा टिकट देगी। गौरतलब हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ समय पहले कहा था कि पार्टी संसदीय दल जहां से कहेगा वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। इसी तरह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि पार्टी अगर चुनाव लड़ने को कहती है तो वह विचार करेंगे। मायावती ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘भाजपा खासकर उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार की जन विरोधी नीतियों घोर विफलताओं पर पर्दा डालने और ध्यान बंटाने के लिए सपा से अंदरूनी मिलीभगत और सांठगांठ करके जिन्ना एवं अयोध्या पुलिस गोलीबारी जैसे अनेक नए-नए गढ़े हुए सांप्रदायिक और धार्मिक मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रही है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि विधानसभा चुनाव हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर केंद्रित हो जाए।''


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Content Writer

Yaspal

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