यूपीः महिला अधिकारी पर अश्लील फब्तियां कसता था सफाई कर्मी, होगी कार्रवाई

punjabkesari.in Saturday, Feb 06, 2021 - 10:50 AM (IST)

फरूर्खाबाद: उत्तर प्रदेश के फरूर्खाबाद जिले में महिला ग्राम पंचायत अधिकारी पर अश्लील फब्तियां कसने वाले सफाई कर्मी और उसको शह देने वाले जिला पंचायत राज अधिकारी को विकास विशाखा समिति ने दोषी करार दिया है जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी।      

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी कुमारी आकांक्षा सक्सेना को विभाग के सफाई कर्मी प्रवीन कुमार ने किसी बात से नाराज होकर प्रताड़ित करना शुरू किया। वह महिला अधिकारी पर अश्लील फब्तियां कसता था जिसको जिला पंचायत अधिकारी की शह मिली थी। इसकी शिकायत जब जिला मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के संज्ञान में आयी तो उन्होने जांच के लिये विकास विशाखा समिति का गठन किया। जांच में महिला अधिकारी की शिकायत सही पायी गयी जिसके बाद दोनो आरोपियों पर कारर्वाई तय है।       

जांच के अनुसार कुमारी सक्सेना की फरवरी 2017 में ग्राम पंचायत अधिकारी पद पर तैनाती हुई तथा 17 फरवरी से 17 जुलाई तक कुमारी आकांक्षा सक्सेना खण्ड विकास बढ़पुर में तैनात रहीं। इसके बाद जुलाई 2017 में जिला पंचायत राज अधिकारी ने बिना कारण बताये कुमारी आकांक्षा को अपने कार्यालय में सम्बद्ध कर दिया। जुलाई 17 से मई 18 तक कुमारी आकांक्षा सक्सेना जिला पंचायत राज कार्यालय में सम्बद्ध रहीं। मई 18 को पुन: कुमारी आकांक्षा सक्सेना की तैनाती ब्लाक बढ़पुर में की गई और फरवरी 2020 में कुमारी आकांक्षा सक्सेना को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में सम्बद्ध किया गया।       

सफाई कर्मचारी प्रवीन कुमार की ब्लाक राजेपुर में तैनाती थी लेकिन वो जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से सम्बद्ध था जो ऑनलाइन शिकायत निस्तारण तथा स्वच्छ भारत मिशन का कार्य करता था। प्रवीन ने दिसम्बर 19 से कुमारी आकांक्षा सक्सेना को परेशान करना शुरू किया। प्रताड़ना से परेशान होकर कुमारी आकांक्षा ने जिला पंचायत राज अधिकारी से शिकायत की। जिस पर कोई ध्यान न देने तथा विभागीय उपस्थिति रजिस्टर पर हस्तारक्षर करने के दौरान सफाई कर्मी प्रवीन कुमार द्वारा अश्लील बातें तथा छीटाकशी की जाने लगी। जब पीड़िता शिकायत करती तो जिला पंचायत राज अधिकारी उसकी ग्राम पंचायतों में तैनाती करते थे।

इस घटनाक्रम का मामला जब जिला मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के सामने आया तो उन्होंने विकास विशाखा समिति गठित कर जांच में दोषी पाया कि सफाई कर्मी प्रवीन कुमार महिला ग्राम पंचायत अधिकारी को सुनियोजित तरीके से प्रताड़ित करता चला आ रहा था। जिसमें तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी का भी संरक्षण था।       


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Content Writer

Moulshree Tripathi

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