यात्रियों का सफर सुरक्षित करने को उत्तर प्रदेश परिवहन ने मिलाया IIM से हाथ

9/22/2019 1:28:45 PM

 

लखनऊः यूपी रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित और उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के मकसद से सरकार ने राजधानी के भारतीय प्रबंधन संस्थान से हाथ मिलाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने कहा है, ''यात्रियों को सुरक्षित और सर्वोत्तम सेवा प्रदान करने के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान :आईआईएम-लखनऊ: के छात्र एवं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम एक साथ मिलकर सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का अध्ययन एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।''

राज शेखर ने बताया कि आईआईएम-लखनऊ की टीम के सहयोग से एक 'केस स्टडी' तैयार की गयी है और उसी के आधार पर यात्री सुविधाओं को उन्नत बनाने का लक्ष्य है। इस काम के लिए तीन महीने का समय तय किया गया है। इसी वर्ष दिसंबर में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आईआईएम लखनऊ की टीम द्वारा अन्तिम रिपोर्ट पेश किये जाने के बाद परिवहन निगम बोर्ड यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं में सुधार के लिए लागू किए जाने वाले सुझावों को सूचीबद्ध करेगा। परिवहन निगम की इस पहल पर रेल एवं बस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने वाले एस के तिवारी ने कहा, ''जाहिर तौर पर आईआईएम जैसी विशेषज्ञ संस्था की मदद लेने से यूपी रोडवेज का कायाकल्प होना तय है क्योंकि यात्री सुरक्षा से जुडे मसले विशेषज्ञता की दरकार रखते हैं।''

उन्होंने कहा, ''उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुशासन और प्रबंधन को लेकर पहले ही आईआईएम के साथ हाथ मिलाया है और सरकार के मंत्रियों की भारतीय प्रबंधन संस्थान-लखनऊ में पाठशाला भी लगी, जो बदलते समय और प्रौद्योगिकीय विकास के साथ सिस्टम को समायोजित करने की उत्कृष्ट पहल है।'' एमबीए के छात्रों का मार्गदर्शन करने वाले शिक्षक भरत कुमार ने कहा कि रोडवेज ने संभवत: प्राथमिकताएं तय कर ली हैं और यात्री सुरक्षा बढाने की दिशा में आमूल चूल परिवर्तन की राह पर चल पडा है।

राज शेखर ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम मुख्यालय टीम ने आईआईएम छात्रों की टीम के साथ दो सत्रों में विस्तृत चर्चा करने के बाद ''यात्री सुरक्षा बढ़ाने एवं सेवाओं में सुधार'' पर विस्तृत अध्ययन के लिए प्राथमिकताएं तय की हैं। आईआईएम लखनऊ के स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट प्रमुख क्षितिज अवस्थी केस स्टडी का नेतृत्व करेंगे।

पहले चरण में आईआईएम लखनऊ के चार सदस्य छात्रों की एक टीम उत्तर प्रदेश में यात्रियों की सुरक्षा और यात्री सेवाओं के लिए मौजूदा प्रावधानों के बारे में विस्तार से अध्ययन करेगी और वर्तमान परिदृश्य का आकलन करने और सर्वोत्तम संभव उपायों के सुझाव देने के लिए उत्तर प्रदेश के चार क्षेत्रों (पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश और बुदेलखंड क्षेत्र) का अध्ययन करेगी। दूसरे चरण में चार सदस्यों की टीम अन्य राज्यों के सड़क परिवहन निगमों के ऐसे सर्वोत्तम प्रचलन और दुनिया के अन्य हिस्सों में अपनाए जाने वाले सर्वोत्तम विकल्प का अध्ययन करेगी, जिन्हें आसानी से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा अपनाया जा सकता है।


 


Tamanna Bhardwaj

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