Viral News: बेटी की शादी में पिता को पड़ते हैं 20 कोड़े! चीन के इस समुदाय की अजीब रस्म ने पूरी दुनिया को चौंकाया
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 10:37 AM (IST)
Viral News: दुनिया भर में शादी के अलग-अलग और अनोखे रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं। चीन में भी कई ऐसे जातीय समुदाय रहते हैं, जिनकी परंपराएं बाकी दुनिया से बिल्कुल अलग हैं। ऐसा ही एक समुदाय है बाओआन जातीय समूह, जहां शादी के दौरान एक बेहद चौंकाने वाली रस्म निभाई जाती है। इस रस्म में दूल्हे के पिता द्वारा दुल्हन के पिता को प्रतीकात्मक रूप से कोड़े मारे जाते हैं।
क्या है 'ससुर को कोड़े मारने' की रस्म?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बाओआन समुदाय में शादी के समय एक रस्म होती है, जिसे स्थानीय लोग 'ससुर को कोड़े मारना' कहते हैं। इसमें दुल्हन के पिता को शादी के दौरान घुटनों के बल बैठकर यह स्वीकार करना होता है कि वे अपनी बेटी को ठीक से अनुशासित नहीं कर पाए। इसके बाद दूल्हे का पिता 20 बार कोड़ा मारने का नाटक करता है। यह पूरी प्रक्रिया प्रतीकात्मक होती है और इसे अपमान नहीं, बल्कि विनम्रता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
तीन दिन चलती है शादी की रस्म
बाओआन समुदाय की शादी तीन दिनों तक चलती है। इस दौरान कई पारंपरिक रिवाज निभाए जाते हैं. शादी के समय दुल्हन के पिता को दूल्हे के घर के आंगन में बैठाया जाता है, जहां वे औपचारिक रूप से माफी मांगते हैं। इस रस्म में कालिख पोतने की परंपरा भी शामिल होती है।
दूल्हे के पिता के चेहरे पर लगाई जाती है कालिख
शादी के दिन दुल्हन की बहनें और रिश्तेदार युवतियां दूल्हे के साथ उसके घर जाती हैं। वहां वे मजाक में खाना पकाने वाले बर्तन से कालिख निकालकर दूल्हे के पिता के चेहरे पर लगा देती हैं। इसे शुभ संकेत और बधाई का प्रतीक माना जाता है।
बेटी के पालन-पोषण के लिए पिता मांगता है माफी
जब दूल्हे के पिता को दुल्हन के घर बुलाया जाता है, तो दुल्हन के पिता उनका स्वागत करते हैं। इसके साथ ही वे अपनी बेटी को सही तरीके से अनुशासित न कर पाने के लिए औपचारिक माफी मांगते हैं। इसके बाद वे घुटनों के बल बैठकर सजा स्वीकार करने की सहमति जताते हैं। फिर दूल्हे के पिता कोड़ा उठाकर 20 बार मारने का नाटक करते हैं, जिससे रस्म पूरी मानी जाती है।
शादी के बाद भी निभती है अनोखी परंपरा
शादी के बाद जब मेहमान भोज के लिए बैठते हैं, तब दुल्हन वहां मौजूद नहीं होती। परंपरा के अनुसार, दुल्हन पहले तीन दिनों तक ससुराल का खाना नहीं खाती, बल्कि अपने मायके से लाया हुआ भोजन ही करती है। इसे माता-पिता के प्रेम और परवरिश के प्रति सम्मान और आभार का प्रतीक माना जाता है।
कौन हैं बाओआन लोग?
बाओआन जातीय समूह मुख्य रूप से चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में रहता है। इस समुदाय की आबादी करीब 24 हजार है। ये लोग इस्लाम धर्म का पालन करते हैं और बाओआन भाषा बोलते हैं। बाओआन समुदाय में एकविवाह की परंपरा है और शादी चार चरणों में पूरी होती है—रिश्ता तय करना, सगाई, दुल्हन की कीमत तय करना और विवाह समारोह।

