योगी के मंत्री बोले- 10 प्रतिशत EWS आरक्षण मिला था, तब किसी ने विरोध नहीं किया... UGC के नए नियम पर विरोध क्यों?
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 08:28 PM (IST)
लखनऊ: देश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर जारी बहस के बीच यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कानपुर में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहां जो भी कानून संसद से पारित होकर आता है, वह जनता के हित को ध्यान में रखकर ही बनाया जाता है। जब जनरल कैटेगरी को 10 प्रतिशत EWS आरक्षण मिला था, तब किसी ने विरोध नहीं किया।
उन्होंने सवाल उठाया कि अब सामाजिक भेदभाव रोकने के लिए कानून लाया गया तो हंगामा क्यों? संजय निषाद ने कहा कि संसद से बने कानून पहले लागू होने चाहिए, खामियां दिखें तो बाद में संशोधन संभव है। निषाद ने कहा कि संविधान सभा में भी बड़े-बड़े नेताओं ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे, लेकिन समय के साथ उनमें कुछ भेदभाव या विसंगतियां सामने आईं, जो आगे चलकर बढ़ गईं।
वर्तमान कानून भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है और आवश्यकता पड़ने पर उसमें संशोधन किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि संबंधित अधिनियम को लागू किया जाए। उन्होंने कहा, 'बाद में अगर कुछ बदलाव की जरूरत होगी तो उस पर विचार किया जाएगा, लेकिन अभी हम चाहते हैं कि एक्ट लागू हो।' गौरतलब है कि बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं, जिस पर अब सरकार के मंत्री का यह बयान सामने आया है।

