भर्ती घोटाले की जांच में खेल! दो दरोगा सस्पेंड, कंपनियों को बचाने की कोशिश का आरोप, हैरान कर देगा पूरा मामला
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 11:07 AM (IST)
Ghazipur News : गाजीपुर कोतवाली में तैनात दो उप निरीक्षकों को भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की आरोपी कंपनियों से जुड़े सात गम्भीर मामलों की जांच कमजोर करने की कोशिश के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण ने सोमवार को यह कार्रवाई की। उन्होंने गाजीपुर (शहर) के पुलिस उपाधीक्षक को मामले की विस्तृत जांच करके 30 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
फर्जी दस्तावेज जमा करने का आरोप, सात कंपनियां जांच के दायरे में
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 25 फरवरी 2025 को गाजीपुर शहर के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कई कंपनियों ने अनुदेशकों की भर्ती के लिए निविदा की प्रक्रिया में भाग लेते समय फर्जी दस्तावेज जमा किये हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत में कहा गया कि 176 कंपनियों ने टेंडर के लिए आवेदन किया था, जिनमें से सात ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज जमा किए थे जिनमें बैंक से संबंधित फर्जी प्रमाणपत्र भी शामिल थे।
समीक्षा में सामने आई जांच कमजोर करने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक डीआईजी वैभव कृष्ण ने सोमवार को जांच की समीक्षा के दौरान पाया कि सभी सात कंपनियों को पर्याप्त आधार के बगैर, जांच से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि समीक्षा में लखनऊ की एक कंपनी को बचाने की कोशिश किये जाने की बात भी सामने आयी थी।
अंतिम रिपोर्ट जल्दबाजी में लगाने का आरोप, विभागीय जांच शुरू
सूत्रों के मुताबिक डीआईजी द्वारा समीक्षा में यह बात सामने आयी कि आरोपों से प्रथम दृष्टया गंभीर अपराधों का पता चलने के बावजूद मामलों में जल्दबाजी कर अंतिम रिपोर्ट जमा करने की कोशिश की गई, जिससे जांच कमजोर हो गयी। उन्होंने बताया कि डीआईजी ने सोमवार को आदेश जारी करके मुकदमों को कमजोर करने और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने के लिए जांच अधिकारियों को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए उप निरीक्षका रोहित कुमार और जितेंद्र कुमार उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सूत्रों ने बताया कि दोनों आरोपी उप निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है।

