नाम छिपाया, पर नहीं छिपी करतूत! कचरा गाड़ी से किया देवी-देवताओं का विसर्जन, Video Viral होते ही विभाग में मचा हड़कंप
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 06:19 PM (IST)
Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में नगर पालिका प्रशासन की एक शर्मनाक करतूत सामने आई है। जहां प्रसिद्ध देवरही माता मंदिर में रामनवमी उत्सव के समापन के बाद देवी-देवताओं की मूर्तियों के विसर्जन के लिए कूड़ा ढोने वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया गया। आस्था के साथ हुए इस खिलवाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश है।
लाल कपड़े से छिपाई नापाकी
नगर पालिका प्रशासन को अपनी इस गलती का अंदाजा शायद पहले से था, इसीलिए उन्होंने कूड़ा गाड़ी पर लिखे स्वच्छता मिशन और नगर पालिका के नाम को छिपाने के लिए उसे चारों तरफ से लाल कपड़े से ढंक दिया था। प्रशासन ने सोचा था कि कपड़े की आड़ में वे मूर्तियों को चुपचाप विसर्जन स्थल तक पहुंचा देंगे, लेकिन किसी जागरूक नागरिक ने इस मंजर को कैमरे में कैद कर लिया और सच्चाई सबके सामने आ गई।
DM की मौजूदगी के बावजूद बड़ी लापरवाही
हैरानी की बात यह है कि जिस देवरही माता मंदिर से ये मूर्तियां निकाली गईं, वहां रामनवमी के अवसर पर खुद जिलाधिकारी (DM) दिव्या मित्तल ने पूजा-पाठ और भजन संध्या का भव्य आयोजन किया था। एक तरफ जिला प्रशासन भक्ति भाव में डूबा रहा, तो दूसरी तरफ नगर पालिका के कर्मचारियों ने विसर्जन के लिए कचरा उठाने वाले वाहन का उपयोग कर करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई।
एक्शन में प्रशासन- वाहन प्रभारी निलंबित
वीडियो वायरल होने और लोगों का गुस्सा भड़कने के बाद नगर पालिका प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अधिशासी अधिकारी (EO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित वाहन प्रभारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो यह पता लगाएगी कि विसर्जन के लिए सम्मानजनक वाहन के बजाय कूड़ा गाड़ी क्यों भेजी गई।
भक्तों में उबाल
स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों ने इस घटना को अक्षम्य अपराध करार दिया है। लोगों का कहना है कि भगवान की प्रतिमाओं के साथ इस तरह का व्यवहार प्रशासन की घोर संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल, इलाके में तनाव और नाराजगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन स्थिति को संभालने में जुटे हैं।

