सिस्टम के आगे हारा पिता का कलेजा: एक्सीडेंट के 12 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया मासूम का शव, जानें क्या थी मजबूरी

punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 08:43 AM (IST)

Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। एक लाचार पिता को अपने ही हाथों से दफन किए गए 16 साल के बेटे की कब्र को दोबारा खुदवाना पड़ा। यह दर्दनाक कदम किसी अंधविश्वास के लिए नहीं, बल्कि कानूनी इंसाफ और सरकारी मदद की उम्मीद में उठाना पड़ा।

क्या है पूरा मामला?
बीती 27 मार्च की शाम पिहानी थाना क्षेत्र के बद्दापुर शहादत नगर में रहने वाले अजीत सिंह के परिवार पर कहर बनकर टूटी। उनके 16 वर्षीय बेटे उज्ज्वल को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सदमे और अज्ञानता में डूबे परिवार ने बिना Postmortem कराए ही उज्ज्वल के शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) कर दिया।

गरीबी और कानून की दीवार
बेटे को खोने के कुछ दिनों बाद परिवार को अहसास हुआ कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के न तो ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और न ही सरकार से कोई आर्थिक सहायता मिल सकती है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिता के सामने अब एक ही रास्ता था—बेटे के शव को कब्र से बाहर निकालना।

जिलाधिकारी के आदेश पर हुई कार्रवाई
पिता अजीत सिंह ने जिलाधिकारी (DM) की चौखट पर गुहार लगाई। कानून की मजबूरियों को देखते हुए प्रशासन ने शव को बाहर निकालने की अनुमति दी। नायब तहसीलदार अजीज अहमद और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कब्रिस्तान में खुदाई शुरू हुई। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की Video Graphy कराई गई। जब फावड़े चले और मिट्टी हटी, तो वहां मौजूद हर ग्रामीण की आंखें नम थीं। एक पिता के लिए अपने ही लाल को दोबारा इस हाल में देखना किसी कयामत से कम नहीं था।

अब सरकारी सबूत का इंतजार
फिलहाल उज्ज्वल के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नायब तहसीलदार अजीज अहमद ने बताया कि परिजनों की मांग और विधिक प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी, ताकि पीड़ित परिवार को दुर्घटना का मुआवजा और न्याय मिल सके।


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Content Editor

Anil Kapoor

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