निजीकरण के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे 15 लाख बिजली कर्मचारी, 5 अक्टूर को करेंगे विरोध प्रदर्शन

punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2020 - 03:20 PM (IST)

लखनऊ: देशभर के 15 लाख बिजली कर्मचारी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में पांच अक्टूबर को प्रदर्शन करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने सोमवार को यहां बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों को देश भर के बिजली कर्मचारियो का समर्थन मिला है।देश के 15 लाख बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के निजीकरण के विरुद्ध संघर्ष में पांच अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने बताया कि बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोआडिर्नेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज एंड इंजिनियर्स (एनसीसीओईईई) की 27 सितंबर को हुई ऑनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष में उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के साथ देश के सभी प्रांतों के 15 लाख बिजली कर्मी पूरी एकजुटता से उनके साथ हैं। एन सी सी ओ ई ई ई की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पांच अक्टूबर को जब उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों का पूरे दिन का कार्य बहिष्कार प्रारंभ होगा तब उनके समर्थन में देश के सभी प्रांतों के 15 लाख बिजली कर्मी विरोध प्रदर्शन व विरोध सभायें करेंगे और उप्र के साथ एकजुटता का परिचय देंगे।

दुबे ने बताया कि एनसीसीओईईई ने यह भी निर्णय लिया कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों को गिरफ्तार किया गया और दमन किया गया तो देश के अन्य प्रांतों के बिजली कर्मी मूक दर्शक नहीं रहेंगे। उत्तर प्रदेश के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आवाहन पर आज उत्तर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगम निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों व् अभियंताओं ने शहीद ए आजम भगत सिंह के जन्म दिन पर राजधानी लखनऊ सहित सभी 75 जिलों और परियोजनाओं पर मशाल जुलूस निकालकर सार्वजनिक क्षेत्र को बचाने का संकल्प लिया।  दुबे ने बताया कि बिजली कर्मी 29 सितंबर से तीन घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे 7 संघर्ष समिति द्वारा सरकार और प्रबंधन को भेजी गई नोटिस में कहा गया है कि यदि निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त न किया गया तो पांच अक्टूबर से बिजली कर्मी पूरे दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। 

 


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Ajay kumar

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