भारतरत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त की 60 वीं पुण्यतिथि पर लोगों ने श्रद्धांजलि दी

3/7/2021 5:11:36 PM

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पंत की 60 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। जिले के पंवारा क्षेत्र के सरांवा में स्थित शहीद लालबहादुर गुप्त स्मारक पर हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी व लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओ ने शहीद स्मारक पर महान स्वतंत्रता सेनानी पंत के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा कि गोविन्द बल्लभ पंत का जन्म उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में 10 सितम्बर 1887 को हुआ था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1909 में कानून की परीक्षा पास की, और काकोरी काण्ड के मुकदमें की पैरवी से उन्हें पहचान व प्रतिष्ठा मिली।

 उन्होंने कहा कि 1937 में श्री पंत जी संयुक्त प्रान्त के प्रधान मंत्री बने और 1946 में उत्तर प्रदेश् के पहले मुख्यमंत्री बने। 10 जनवरी 1955 को श्री पंत ने भारत के गृहमंत्री का पद सभाला था । उन्होंने कहा कि देश में ऐसे क्रातिकारी नेताओं की सूची बहुत कम है, जिन्होंने राजनीति के साथ-साथ साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है । उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने शिक्षा के क्षेत्र में जो भी उपलब्धियां हासिल की है, पंत जी ने उनकी आधार शिला रखी है। उन्होंने कहा कि पंत जी ने ही हिन्दी को राजकीय भाषा का दर्जा दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। सात मार्च 1961 को श्री पंत जी का निधन हो गया था। इस अवसर पर डा. धरम सिंह, हरवंश् कौर, अनिरूद्ध सिंह, मैनेजर पाण्डेय, मंजीत कौर सहित अनेक लोग मौजूद रहें। 
 


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Ramkesh

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