SIT का बड़ा खुलासा: 5,797 अध्यापकों की नियुक्ति में 1,086 अध्यापकों की डिग्रियां फर्जी

punjabkesari.in Saturday, Oct 30, 2021 - 12:27 PM (IST)

लखनऊ:  देश में नौकरी की चाहत में युवा कड़ी मेहनत से पढ़ाई करता उसके बाद उसे डिग्री हासिल होती है। ऐसे में फर्जी और धोखाधड़ी करने वाले उनके मंसूबों पर पानी फेर देते है और फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी हासिल कर लेते है। दरअसल, शिक्षक भर्ती में हुए घोटाले एवं फर्जी डिग्री के सहारे नौकर मामले की जांच कर रही SIT ने बड़ा खुलासा किया है। SIT के मुताबिक प्रदेश के  69 जिलों में नियुक्त किए गए 5,797 अध्यापकों में से 1086 अध्यापकों की  डिग्रियां फर्जी है।  ये डिग्रियां सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा जारी  की गई है। जांच में  SIT ने दो बड़े नामों का खुलासा किया है। प्रो रजनीश शुक्ला जो सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार के पद तैनात थे।  वर्तमान में  महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, में कुलपति के पद पर तैनात है। वहीं प्रो गंगाधर पांडा  विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार थे और वर्तमान में  कोल्हान यूनिवर्सिटी झारखंड में कुलपति के पद पर तैनात है। 

बता दें कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से फर्जी डिग्री हासिल कर नौकरी का मामला 2004 में आय। सरकार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दे दिए। वहीं जब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई तो मामले में सरकार ने गंभीरता से लेते हुए जांच में तेजी लाने का आदेश दे दिया। SIT ने जांच में विश्वविद्यालय में बड़ी अनियमितताओं का दावा किया। SIT के मुताबिक  विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रारों, परीक्षा नियंत्रकों, संपूर्णानंद के सिस्टम मैनेजरों ने पैसों के बदौलत धोखाधड़ी कर बड़ी संख्या में फर्जी डिग्री बांटी है और जिसके सहारे 1,086 अध्यापक फर्जी  डिग्रियों के सहारे नौकरी कर रहे है। जिसका  SIT ने खुलासा किया है। 


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Content Writer

Ramkesh

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